
राजस्थान सरकार ने सरकारी योजनाओं में भुगतान के लिए कैशलेस भुगतान की कवायद अब अनाथ बच्चों से जुड़ी पालनहार योजना पर भी लागू करने का फैसला कर लिया है। इसके तहत अब पालनहार योजना का लाभ लेने के लिए पात्र पालनहार और बच्चों को पालनहार पोर्टल पर आधार एवं भामाशाह से जुड़ना होगा। इससे जुड़ने के बाद पात्र पालनहार योजना का लाभ पात्र बच्चों को अविलम्ब मिलने वाली राशि का भुगतान बैंक खाते से हो सकेगा।
उल्लेखनीय है कि अनाथ बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा आदि की व्यवस्था उनके निकटतम रिश्तेदार या परिचितों को पालनहार बनाकर आर्थिक सहायता वाली पालनहार योजना का संचालन किया जाता है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरूण चतुर्वेदी ने सभी पालनहारों से आग्रह किया है कि पालनहार के साथ बच्चों के आधार एवं भामाशाह ई-मित्र पर जाकर जुड़वाने का कार्य शीघ्र करें जिससे पालनहार को प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि डेढ लाख से अधिक पालनहारों के 2 लाख से अधिक बच्चे पालनहार योजना से लाभांवित हो रहे हैं।
पालनहारों को आधार एवं भामाशाह से जोड़ने के निर्देश
उन्होंने विभाग के अधिकारियों को पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर पालनहारों को नये पोर्टल पर आधार एवं भामाशाह से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग एवं आंगनबाड़ी में अध्ययनरत पालनहार बच्चों का अध्ययन प्रमाण पत्र शीघ्र प्राप्त करने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए।
क्या हैं राजस्थान सरकार की पालनहार योजना
अनाथ बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा आदि की व्यवस्था संस्थागत नहीं की जाकर समाज के भीतर ही बालक/बालिका के निकटतम रिश्तेदार/परिचित व्यक्ति के परिवार में करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को पालनहार बनाकर राज्य की ओर से आर्थिक सहायता देना है। वर्तमान में निम्न श्रेणियों को लाभान्वित किया जा रहा है।
1 अनाथ बालक/बालिका।
2 न्यायिक प्रक्रिया से मृत्यु दण्ड/आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चें।
3 निराश्रित पेंशन की पात्र विधवा माता की तीन संतान।
4 पुर्नविवाहित विधवा माता के बच्चें।
5 एड्स पीडि़त माता/पिता के बच्चें।
6 कुष्ठ रोग से पीडि़त माता/पिता के बच्चें।
7 नाता जाने वाली माता की तीन संतान।
8 विकलांग माता-पिता की संतान।
9 तलाकशुदा/परित्यक्ता महिला की संतान।
पालनहार परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख रूपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
वर्तमान में योजनान्तर्गत नवीन आवेदन www.ssdg.rajasthan.gov.in वेबसाइट पर आँनलाइन प्रकिया से प्राप्त किये जा रहे है।
पालनहार को अनुदान राशि
- 0-5 वर्ष तक की आयु के बच्चे हेतु – 500 रूपये प्रतिमाह -आंगनबाड़ी जाना अनिवार्य।
- 18 वर्ष तक की आयु के बच्चें हेतु – 1000 रूपये प्रतिमाह -विद्यालय जाना अनिवार्य।
- वस्त्र, स्वेटर, जूते आदि हेतु – 2000 रूपये वार्षिक -विधवा पालनहार व नाता पालनहार में देय नहीं।

