
बेटियां घर की लक्ष्मी हैं लेकिन कई कारणों से बालिकाओं की जन्म दर कम रही है। बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, उन्हें शिक्षित व सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री राजे सरकार ने 1 जून 2016 से मुख्यमंत्री राजश्री योजना राज्य में शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य है कि बेटियों की जन्म दर बढ़े, बेटियों को अच्छी परवरिश मिले व बेटियां पढ़ लिखकर आगे बढ़ें।
आशा साथिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संभालेंगी कमान
मुख्यमंत्री राजश्री योजना के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं को लाभ दिलाने में अब आशा साथिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी कमान संभालेंगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं से सम्पर्क में रहकर योजना से संबंधित दस्तावेजों की प्रक्रिया भी पूरी कराने में मदद करेंगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग पहले बाल विकास परियोजना अधिकारियों के माध्यम से आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और साथिनों को यह जिम्मेदारी संभालने की जानकारी देगा। इसके बाद ये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने आंगनबाड़ी केन्द्र के दायरे में गर्भवती महिलाओं को योजना की जानकारी देकर योजना का लाभ दिलाने में मदद करेंगी। साथ ही योजना के लाभ के लिए गर्भवती महिला से एएनसी जांच के दौरान भामाशाह कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता संबंधित विवरण भी इकट्ठा करेंगी।
गर्भवर्ती महिला के दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कराकर योजना के सभी चरणों को पूरा कराने में ये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एक तरह से दूत का काम करेंगे।
अस्पताल में भी मदद
ये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री राजश्री योजना के व्यापक प्रचार करेंगी। जिसमें प्रथम किश्त का लाभ देने के लिए गर्भवती महिला की एएनसी जांच या प्रसुता की डिलेवरी के समय भामाशाह कार्ड अस्पताल में पेश करने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
विभिन्न चरणों में बालिका के अभिवावकों को आर्थिक सहायता
बालिका के जन्म से लेकर कक्षा 12वीं तक बेटी की पढ़ाई, स्वास्थ्य व देखभाल के लिए अभिभावक को 50,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। ये राशि निम्न चरणों में दी जाती है।
बेटी के जन्म के समय 2500 रुपये
एक वर्ष का टीकाकरण होने पर 2500 रुपये
पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर 4000 रुपये
कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये
कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर 11000 रुपये
कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर 25000 रुपये
योजना के लाभ की पात्रता
राजश्री योजना की पहली दो किश्त उन सभी बालिकाओं को मिलेगी जिनका जन्म किसी सरकारी अस्पताल एवं जननी सुरक्षा योजना (जे.एस.वाई.) से रजिस्टर्ड निजी चिकित्सा संस्थानों में हुआ हो। ये दोनों किश्त उनके अभिभावकों को तब भी मिलेगी जिनके तीसरी संतान बालिका हो, किंतु योजना में आगे की किश्तों का लाभ उन्हें नहीं मिल पायेगा। अब राजश्री योजना का लाभ लाभार्थी को सीधा अपने बैंक खाते में मिले, इसके लिए भामाशाह कार्ड से योजना को जोड़ा गया है।

