जयपुर में आशियाना बनाना हुआ महंगा, डीएलसी दरों में 15 प्रतिशत का इजाफा

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    जयपुर। मंदी के बावजूद अब जयपुर में आशियाना बनाना महंगा हो गया है। जिला स्तरीय समिति ने डीएलसी दरों में इजाफा किया है। आवासीय भूमि की डीएलसी दरों में सबसे ज्यादा 15 फीसदी तक बढ़ा दी है। डीएलसी बैठक में मौजूद कांग्रेस और भाजपा विधायकों ने दरें बढ़ाने का विरोध किया। कांग्रेस और बीजेपी के विधायक एक दूसरे के सुर में सुर मिलाते दिखे। इसके बाद भी दरों में बदलाव किया गया है। दूसरी तरफ राजस्थान आवासन मंडल अपने मकानों की दर कम करने जा रहा है।

    500 कॉलोनियों की नई श्रेणियां बनाई

    दो साल के अंतराल के बाद ही यह बढ़ोतरी की गई है। साल 2017 के बाद जमीनों के दामों में बड़े पैमाने पर बदलाव किया गया है। कमेटी ने 500 कॉलोनियों की नई श्रेणी बनाकर डीलएसी दरें तय की हैं। बैठक में विधायक और प्रधान ने दरें बढ़ाने का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि रजिस्ट्रियां कम हो रहीं फि डीएलसी दरों में वृद्धि क्यों की जा रही है। डीएलसी की नई दरें लागू होने के साथ सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा असर प्रॉपर्टी की वैल्यू पर पड़ेगा।

    एक दिखे भाजपा-कांग्रेस विधायक

    डीएलसी बैठक में विधायकों ने कहा कि मंदी के इस दौर में रजिस्ट्री कम हो रहीं तो फिर डीएलसी दरें क्यों बढ़ाई जा रहीं। विधायक कालीचरण सराफ, नरपतसिंह राजवी, निर्मल कुमावत ने रेट नहीं बढ़ाने की बात कही। विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि डीएलसी दरें और कम करनी चाहिए। कांग्रेस विधायक रफीक खान, लक्ष्मण मीना, इंद्राज गुर्जर,वेदप्रकाश सोलंकी और इंद्राज गुर्जर डीएलसी दरें बढ़ाने को अव्यवहारिक बताया।

    आवासन मंडल सस्ते कर रहा है मकान

    दूसरी तरफ राजस्थान आवासन मंडल जल्द ही आमजन को खुशियों की सौगात देने जा रहा है। शुक्रवार को ही राजधानी जयपुर में आवासन मंडल के चेयरमैन भास्कर ए. सावंत की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में मकानों को सस्ता करने का निर्णय लिया गया है। इन निर्णयों के तहत आवासन मंडल आने वाले नवरात्र स्थापना के अवसर पर पहली बार करीब 10 हजार मकान सस्ते दामों पर ई-ऑक्शन से बेचेगा। आवासन मंडल का पूर्व पंजीकृत ग्राहक अब मकान लेने के लिए अपना आय वर्ग बदल सकेंगे।