धौलपुर उपचुनाव गड़बड़ी को लेके उठा बवाल, कांग्रेस समर्थकों ने लगाया भाजपा सरकार पर वोट खींचने का इलज़ाम

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    कड़कती धूप और तेज गर्मी के बावजूद धौलपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। रविवार को हुए उपचुनाव में करीब 80 फीसदी मतदान का आंकड़ा दर्ज हुआ। राजस्थान के मुख्य चुनाव अधिकारी अश्विनी भगत की मानें तो 2013 के चुनाव में भी धौलपुर में 80.07 प्रतिशत मतदान हुआ था और इस बार भी इसके आसपास ही वोट पड़े हैं हालांकि, वोटिंग का सटीक आंकड़ा आज चुनाव आयोग द्वारा जारी किया जाएगा।

    कुछ ऐसा रहा धौलपुर का चुनावी नज़ारा…

    धौलपुर उपचुनाव के दिन दोपहर को लिए आंकड़ों के अनुसार अनुमानित मतदान 77.12 प्रतिशत रहा। ऐसा कहा जा रहा था कि तब तक कुल 1,91,887 मतदाताओं में से 1,47,992 ने वोट डाला हालांकि ये नंबर कुछ समय बाद 80 पार कर गया। अबकी बार पुरुषों के कंधे से कंधा मिला कर महिलाओं ने भी भारी मात्रा में वोट डाले। पुरुषों का मतदान 77.72 प्रतिशत तथा महिलाओं का 76.45 प्रतिशत माना जा रहा है।

    सुबह 6 बजे से ही पोलिंग दलों ने 231 बूथों पर मतदान की तैयारियां पूरी कर ली थी। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी बूथों पर वोटिंग शुरू कराई गयी। मतदान शुरू होते ही केंद्रों पर लंबी कतारें लग गयीं थीं। इन कतारों में मुस्लिम महिलाओं की संख्या भी अच्छी खासी थी। हाल ही में उठे ट्रिपल तलाक विवाद इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है।

    वीवी पेट मशीन गड़बड़ी से पड़ी मतदान में खटास, मौके पर 45 मशीन बदली गई…

    हाल ही में उठे ईवीएम गड़बड़ी विवाद के बाद अबकी बार निर्वाचन आयोग ने नयी तकनीक पर आधारित वीवी पेट ईवीएम मशीन लांच करने का फैसला किया था। इस मशीन में जैसे ही वोटर वोट देने के लिए बटन दबाता है वैसे ही वीवीपेट मशीन पर उसके वोट की एटीएम स्लिप जैसी पर्ची निकलती है। इस पर्ची पर वोटर यह देख कर संतुष्टि कर सकता है कि वोट उसकी इच्छा की मुताबिक किसी पार्टी को गया है या नहीं।

    राजस्थान निर्वाचन आयोग की पुख्ता तैयारियों के बावजूद वीवीपेट मशीन गड़बड़ी के कारण वोटिंग में खलल पड़ गया। गडरपुरा, कायस्थ पाड़ा तथा समाज कल्याण विभाग छात्रावास में मशीन खराबी के कारण करीब 1 घंटे मतदान बंद रहा। हालांकि सर्विस इंजीनियरों ने मशीन को दुरस्त करने हेतु तत्परता दिखाई, लेकिन वोटिंग की रफ्तार पर इसका बहुत असर पड़ा। कुल 231 यूनिट में से 11 ईवीएम और 22 वीवीपेट खराब होने के कारण बदलनी पड़ गयीं। कुछ समय बाद फिर से वोटिंग चालू की गयी।

    ईवीएम मशीन गड़बड़ी के कारण कांग्रेस समर्थकों ने किया हंगामा…

    मशीन गड़बड़ी के बाद कई मतदाताओं तथा कांग्रेस पार्टी के समर्थकों ने आरोप लगाया कि उन्होंने वोट किसी और को देने के लिए ईवीएम का बटन दबाया लेकिन पर्ची भाजपा की निकल रही थी। कई लोगों ने दावा किया है कि मतदाता की शिकायत के बाद जब रिटर्निंग अधिकारी ने जांच की तो पाया गया कि ईवीएम से गलत वोट पड़ रहा है। हालांकि चुनाव आयोग, पक्के सूत्रों या किसी भी बड़े समाचार पत्र ने इस खबर कि पुष्टि नहीं की। कांग्रेस समर्थकों का मानना है कि भाजपा ने ये गड़बड़ी की है जबकि भाजपा समर्थकों का कहना है कि ये अफवाह कांग्रेस द्वारा फैलाई गई है। इस रस्साकशी के बीच मतदाता थोड़ी असमंजस की स्थिति में रहे।

    अब सच क्या है वो तो 13 अप्रैल को मतदान गणना के बाद ही पता चलेगा।