
भारतीय जनता पार्टी (प्रथमत: भारतीय जनसंघ) के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुख़र्जी की याद में केंद्र सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन योजना की नीवं रखी थी। 21 फरवरी 2016 को राजनांद गाँव (डोंगरगढ़) स्थित एक केंद्र में प्रधानमंत्री द्वारा श्यामा प्रसाद मुख़र्जी रुर्बन मिशन योजना का शुभारम्भ किया गया था। ‘रुर्बन’ शब्द का गठन रूरल (गाँव) और अर्बन (शहर) के मिलन से बना है। इस योजना के लागू होने के पीछे केंद्र कि मंशा ग्रामीण तथा शहरी इलाकों के सर्वोच्च गुणों को सम्मिलित करना है। योजना के तहत स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट विलेज की विशेषताओं को मिला के आधुनिक गाँव तथा शहरों की नींव रखी जाएगी।
आखिर ये श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन है क्या?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 16 सितम्बर 2015 को करीब 5142 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना का अनुमोदन किया था। रुर्बन मिशन के तहत धीरे-धीरे सभी भारतीय राज्यों में ‘रुर्बन क्लस्टर’ का निर्माण कराया जाना था। कुल मिला कर तीन सौ विकास क्लस्टरों को विकसित किया जाना है। प्रत्येक क्लस्टर में जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में आसपास बसे पांच से छह गांव शामिल होंगे।

इसी योजना को धरातल में उतारने हेतु केन्द्र सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन योजना के तहत राजस्थान के कुछ चुनिंदा गाँवों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए चुना है। राजस्थान में ‘रुर्बन क्लस्टर’ का विकास इन कलेक्टरों के नेतृत्व में होगा–
गैर जनजातीय: सालावास क्लस्टर- जोधपुर,
माजिवाला क्लस्टर-बाडमेर,
जुरहेरा क्लस्टर-भरतपुर,
बूडसू क्लस्टर- नागौर,
जनजातीय: गोगुन्दा क्लस्टर- उदयपुर
कैसे होगा राजस्थान में ‘रुर्बन क्लस्टर’ का निर्माण?
इस दिशा में आगे कार्य करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से साढे़ चार सौ करोड़ की कार्ययोजना मंजूर कराई है। कुछ समय पहले मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य अधिकार प्राप्त समिति ने योजना में चुने गए पांच गाँवों के जिला कलेक्टरों से उनके क्षेत्र ले विकास हेतु विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) मांगी थी।

हाल ही में प्रदेश के पांच क्लस्टरों की रिपोर्ट को केंद्र की मंजूरी मिल गयी है जिसके उपरान्त उनका बजट तय किया गया है। पहाड़ी इलाकों के लिए 15 करोड़ रु. तथा मैदानी इलाकों के लिए 30 करोड़ की सहायता मुहैया करवाई जाएगी। चुने गए पांच क्लस्टरों में सामान्य क्षेत्र के अंतर्गत 4 क्लस्टरों में 100-100 करोड़ व जनजातीय क्षेत्र के लिए चुने गए 1 क्लस्टर के लिए तकरीबन 50 करोड़ की कार्ययोजना को मंजूरी दी गयी है।
अब इन क्लस्टरों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल सुविधाओं से संबंधित 14 क्षेत्रों में विकास कार्य कराये जाएंगे।
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