वैक्सीन खराब होने के मुद्दे पर घिरी गहलोत सरकार, अब राज्यपाल कलराज मिश्र ने रिपोर्ट मांगी

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    जयपुर। महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर जहां देश भर में कहर बरपा रही है और वैक्सीनेशन के लिए मारामारी मची है। वहीं राजस्थान के कई शहरों में टीके की बर्बादी हो रही है। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार कोरोना वैक्सीन की बर्बादी पर चौतरफा घिरती जा रही है। पिछले कुछ दिनों से विपक्ष पार्टी प्रदेश की कांग्रेस सरकार से वैक्सीन की बर्बादी को लेकर सवाल कर रही है। वहीं राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर वैक्सीन की बर्बादी की उच्च स्तरीय जांच कराने और इस संबंध में रिपोर्ट भी मांगी है।

    उच्च स्तरीय जांच के निर्देश

    प्रदेश में टीकों की बर्बादी के बीच राज्यपाल कलराज मिश्र ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर कोविड के जीवन रक्षक टीके की बर्बादी के संबंध में उच्च स्तरीय जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस संबंध में रिपोर्ट भी मांगी है। उन्होंने राज्य सरकार का इस घटना की पुनरावृति रोके जाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर टीके की प्रत्येक डोज को एक-एक व्यक्ति का जीवन रक्षा कवच समझकर उसका उपयोग करने के लिए भी कहा है।

    सरकार ने ऑडिट शुरू करवाई
    राज्यपाल का पत्र मिलने के बाद कांग्रेस सरकार ने जवाब देने की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को अवकाश के बावजूद मुख्यमंत्री कार्यालय और चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जिलावार टीकाकरण और खराबे को लेकर डॉटाएकत्रित करने में जुटे रहे। ये अधिकारी सुबह ही शासन सचिवालय पहुंच गए। उधर मुख्यमंत्री के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने टीकों का ऑडिट करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला कलेक्टरों के माध्यम से ऑडिट करवाया जा रहा है।