
जयपुर। कोटा में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के निलंबित एसोसिएट प्रोफेसर गिरीश परमार की काली करतूतों का चिट्ठा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। नंबर बढ़ाने के एवज में संबंध बनाने का दबाव बनाने वाले राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर गिरीश परमार के खिलाफ एक ओर मामला दर्ज हुआ है। एक महिला लेक्चरर ने एसोसिएट प्रोफेसर गिरीश परमार सहित तीन अन्य के खिलाफ दादाबाड़ी थाने में शिकायत दी है। महिला की ओर से कोटा के दादाबाड़ी थाने में केस दर्ज करवाया गया है जिसके मुताबिक प्रोफेसर परमार पर छेड़छाड़, जबरन हाथ पकड़ना और गंदी बातें करने से लेकर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं।
‘बेटी को सुलाकर आओ, फिर हम एंजॉय करेंगे’
महिला लेक्चरर ने अपनी शिकायत में बताया कि एक अक्टूबर 2012 की शाम परमार मिला। अभद्र भाषा बोलने लगा। कहा- मुझे तो लड़की चाहिए। बिकिनी की दुकान खोल कर पटक दूं। मैं बुरी तरह घबरा गई। नशे में धुत परमार ने मेरा हाथ पकड़ लिया। मैंने किसी तरह हाथ छुड़ाया, तो मेरे घर का रास्ता रोककर खड़ा हो गया। मैंने कहा कि सर मुझे जाने दें, मेरी बेटी रो रही है। परमार कहने लगा कि उसे सुला कर आओ। फिर हम एंजॉय करेंगे। हनीमून मनाएंगे।
‘अपार्टमेंट में रहेंगे, किराया में दूंगा’
पीड़िता के अनुसार उन्होंने कहा, मैं क्वार्टर खाली कर रहा हूं। तुम भी क्वार्टर छोड़ दो। हम बाहर अपार्टमेंट में रहेंगे, किराया में दूंगा। लेक्चरर ने कहा कि मैं डर गई थी। नौकरानी की मदद से सारे खिड़की दरवाजे बंद किए। रात में परमार ने फिर कॉल किए। परमार, गुप्ता व महिला कर्मी की वजह से 10 साल डिप्रेशन में निकले।
लेक्चरर के पति से की मारपीट
इस घटनाक्रम के अगले दिन महिला के देवर और पति परमार से मिलने गए तो उसने उनके साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट भी की। महिला लेक्चरर ने बताया कि RTU प्रशासन से शिकायत की थी। उन्होंने भी परमार का साथ दिया। दादाबाड़ी थाने आई तो वहां प्रोफेसर राजीव गुप्ता, राजेश सिंघल पहले से ही खड़े थे। दोनों ने मेरे परिवार वालों को सरकारी नौकरी का डर दिखाते हुए केस दर्ज नहीं कराने दिया। राजीव गुप्ता मुझे धमकी दे रहा था।

