राजस्थान पुलिस बजट: आपराधिक गतिविधियों में आई कमी, 13655 नियुक्तियों के बाद अब होगी 5500 कांस्टेबलों की भर्ती

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    Vasundhara Raje

    गुरुवार को गृह एवं कारागार मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने विधानसभा में राजस्थान पुलिस का बजट पेश किया। कटारिया ने सदन के सामने आने वाले वित्त वर्ष में पुलिस महकमें पर होने वाले खर्च के बारे में विस्तृत चर्चा की। गृह मंत्री कटारिया ने बताया कि गत तीन वर्षों की अवधि में राज्य में हर तरह के अपराधों में कमी लाने के पुरजोर प्रयास किए गए हैं। इसके परिणाम स्वरूप ही सामान्य अपराधों से लेकर महिला एवं बाल अत्याचार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति  के विरुद्ध होने वाले अपराधों में कमी आई है।

    पुलिस महकमें को मिलेंगे 5500 नए रंगरूट

    कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार ने तीन वर्ष के कार्यकाल में 13 हजार 655 भर्तियां की हैं। इसमें विशेष तौर पर टीएसपी क्षेत्र में 520 एवं सहरिया क्षेत्र 222 पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में 619 आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति भी दी गई है।

    गृह मंत्री कटारिया ने मुख्यमंत्री राजे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष के बजट में 5 हजार 500 कानिस्टेबल भर्ती करने की घोषणा की है।

    उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने राज्य में पिछले तीन वर्षों में दो नई बटालियन स्वीकृत की हैं, जिनमें पहाड़ी में 14वीं बटालियन और प्रतापगढ़ में महाराणा प्रताप बटालियन शामिल हैं।

    सदन ने पुलिस की 52 अरब  4 करोड़ 29 लाख 62 हजार रुपये तथा कारागार की 1 अरब 46 करोड़ 40 लाख 76 हजार रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी।

    आपराधिक गतिविधियों का दिया सदन को ब्योरा

    गृहमंत्री ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि पक्ष-विपक्ष सहित हम सब का धर्म है कि राजस्थान को बेहतर कानून-व्यवस्था मिले। उन्होंने कहा कि राज्य में चोरी, नकबजनी, लूट सहित अन्य क्षेत्रों में अपराध कम हुए हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल वर्ष 2009-2013  तक साम्प्रदायिकता की 24  घटनाएं एवं 74 जगह तनाव हुआ, जबकि हमारी सरकार के तीन वर्ष की अवधि में केवल 8 सांप्रदायिक घटनाएं एवं 27 जगह पर ही तनाव हुआ।

    13 हजार 655 नियुक्तियां हुई तीन साल में

    उन्होंने कहा कि हमें इसलिए सफलता मिली कि राज्य पुलिस ने अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बेहतर मॉनिटरिंग और नियमित समीक्षा की। पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गत तीन वर्षों में 13 हजार 655 नियुक्तियां की है। हम चाहते हैं कि पुलिस की सुविधाओं पर विशेषरूप से ध्यान दिया जाये, जिससे उन्हें बेहतर कार्य का वातावरण मिल सके।

    नए वाहन और नई जेलों के लिए हुआ बजट आवंटन

    उन्होंने कहा कि आवश्यकता इस बात की है कि पुलिस की पहुंच अपराधियों तक शीघ्रातिशीघ्र हो सके, इसके लिए उत्तरोतर हमें उनकी मोबिलिटी के साधनों को सुदृढ़ करने की ओर ध्यान देना होगा। हमने गत 3 वर्षों में इस ओर बहुत ध्यान दिया है। पुलिस को नये वाहन उपलब्ध करवाये हैं, साथ ही 937 मोटरसाइकिलें भी  क्रय की हैं। वर्ष 2013 में बंदी क्षमता 16 हजार 622 थी, जिसे नवीन जेलों के निर्माण एवं बैरकों की संख्या बढ़ाकर 19 हजार 874 कर दिया गया है।  उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में जिला कारागृह डूंगरपुर एवं उप कारागृह, अकलेरा के नए जेल भवन निर्माण के लिए 28.81 करोड़ एवं विभिन्न कारागृहों पर निर्माण, शौचालय आदि के लिए 16.22 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।