
अक्सर हमने इंसानों को नशा करते हुए देखा हैं लेकिन यह पहली बार होगा की राजस्थान के ये शानदान पंछी भी जमकर नशा करते हैं। जीहां राजस्थान के ही हैं ये परिंदे जिन्हे नशे की लत लगी हुई हैं। सुनने में जरूर अजीब लग रहा होगा लेकिन सारा वाकया राजस्थान के चित्तोड़गढ़ का हैं जहां आसमान की सैर-सपाटा करने वाले तोते अफिम के नशे के आदि हैं और हरसमय ये तोते अफिम खाते हैं।
नशे के बाद फरमाते हैं इश्क
मामला चित्तौड़गढ़़ का है। यहां के तोते अफीम का नशा करते दिख रहे हैं। इससे यहां के किसान तो परेशान हैं ही इन परिंदों की सेहत भी खतरे में है। कहते हैं तोता अंगूर मिर्ची खाता है, लेकिन आपको ये सुनकर अजीब लगेगा की कुछ ऐसे तोते भी हैं जो नशे के रूप में अफीम खाते हैं और पेड़ की डालियों पर बैठकर इश्क फरमाते हैं।
राजस्थान अफीम का सबसे बड़ा उत्पादक
तोते इन दिनों अफीम की लहलहाती फसलों पर लग रहे डोडे को खाकर मद मस्त हो रहे हैं। ये समय अफीम की चिराई लुराई का है, जिसके चलते काश्तकार सवेरे से शाम तक इसी कार्य में व्यस्त रहते हैं वहीं नशे के आदी तोते चुपके से आकर डोडे की चिराई से आई अफीम को चटकर जाते हैं। दरअसल, राजस्थान में सबसे अधिक अफीम उत्पादक चित्तौड़गढ़़ जिले में हैं। महंगी फसल होने के नाते किसान दिन और रात खेत में ही रहते हैं, लेकिन तोतों की वजह से उन्हें भारी परेशानी हो रही है।
किसानों को नुकसान, तोतों की सेहत भी खतरें में
किसान उनकी रखवाली नहीं कर पा रहा है। अगर एक जगह से भगाया जाता है तो दूसरी जगह उड़कर बैठ जाते हैं। वहीं तोते डोडे से अफीम का स्वाद लेकर नशे के नुकसान से बेपरवाह आकाश में झूमते और लम्बी उड़ान भरते नजर आते हैं। यह अफीम इन तोतों के लिए तो नुकसानदायक है। साथ ही किसानों की कमाई को भी नुकसान देने वाला है।




