राजस्थान में नही होगी डॉक्टरों की कमी, सरकार बढ़ा रही हैं MBBS की 500 सीटे, पीजी की 275 सीटें भी बढ़ेंगी

    0
    2818
    MBBS Admission

    राजस्थान को अब 500 डॉक्टर्स ज्यादा मिलेंगे, साथ ही प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र में कई सुविधाओं की बढोत्तरी होने जा रही हैं। शुक्रवार को विधानसभा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि चिकित्सा शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2017-18 में यूजी की 500 सीटों में वृद्धि की जा रही है। मानसिक रोग चिकित्सालय जयपुर में 30 करोड़ रुपए की लागत से सेन्टर फॉर एक्सीलेंस बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिन्हित 323 आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर लेबररूम, वार्ड, शौचालय इत्यादि निर्माण कार्य 29 करोड़ रुपए की लागत से होंगे।

    भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिले 445 करोड़ के क्लेम

    चिकित्सा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अब तक लगभग 445 करोड़ रुपए के लगभग 8 लाख 75 हजार क्लेम बुक किए जा चुके हैं। द्वितीय चरण में 600 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए चयन कर लिया गया है। बहस के बाद सदन ने चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य और सफाई की 73 अरब, 39 करोड़ 12 लाख 23 हजार रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दीं।

    एमबीबीएस सीटें बढ़ेंगी

    प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2017-18 में यूजी की 500 सीटों में वृद्धि की जा रही है। वर्तमान में 8 राजकीय मेडिकल कॉलेज तथा 8 निजी मेडिकल कॉलेज में यूजी की 2600, पीजी की 829 एवं सुपरस्पेशिलियटी की 93 सीट्स हैं। पिछले 3 वर्षों में यूजी की 750 व पीजी की 72 सीट्स की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि 8 नये मेडिकल कॉलेज चूरू, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, भरतपुर, बाड़मेर, पाली, अलवर एवं सीकर में शीघ्र ही प्रारम्भ किए जा रहे हैं।

    मानसिक रोग चिकित्सालय जयपुर में

    चिकित्सा मंत्री सराफ ने बताया कि मानसिक रोग चिकित्सालय जयपुर में 30 करोड़ रुपए की लागत से सेन्टर फॉर एक्सीलेंस बनाया जाएगा। चिकित्सालय में 2 करोड़ 56 लाख की लागत से सेन्टर फॉर इन्टिगे्रटेड केयर ऑफ द एल्डरली की स्थापना होगी। मेडिकल कॉलेज जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर, कोटा, झालावाड़ एवं उदयपुर में सवा-सवा करोड़ रुपए की लागत से मल्टीडिस्पिलीनरी रिसर्च लैब की स्थापना की जा रही है। झालावाड़, उदयपुर, जयपुर, बीकानेर, जोधपुर एवं कोटा में वाइरल रिसर्च एवं डायग्नोस्टिक लैब की स्थापना होगी।

    एसएमएस मेडिकल कॉलेज को मिले इतने करोड़ रुपए

    चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के लिए बीकानेर, कोटा व उदयपुर मे 150-150 करोड़ रुपए के स्वीकृत कार्य शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों की नॉन-क्लीनिकल पी.जी. सीटों पर प्रवेश के लिए इन विषयों में सेवारत वरिष्ठ प्रदर्शकों को प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षक चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा की अध्यक्षता में रिक्रूटमेन्ट बोर्ड बनाया जाएगा। इस वर्ष पीजी पूर्ण करने वाले छात्रों के लिए चिकित्सा महाविद्यालय में एक वर्ष की सीनियर रेजिडेन्सी करने की अनिवार्यता होगी। सुपर स्पेशियलिटी विषयों में सहायक आचार्य पद पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु 42 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष की जाएगी। सराफ ने बताया कि एसएमएस में प्रतिवर्ष लगभग 45 लाख मरीजों का आउटडोर में तथा इनडोर में 4 लाख मरीजों का उपचार किया जा रहा है। यहां की कुल बेड संख्या 5300 है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज में निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिए 74 करोड़ 40 लाख रुपए के प्रावधान एवं उपकरण मद में 34 करोड़ 50 लाख रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है।

    एसएमएस मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी 275 पीजी की सीटें

    एसएमएस मेडिकल कॉलेज में आगामी शैक्षणिक सत्र से करीब 275 अतिरिक्त पीजी सीटों की वृद्धि की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 200 करोड़ रुपए की स्वीकृत राशि से एसएमएस में ऑर्गन ट्रांसप्लांट एवं सुपरस्पेशियलिटी की सेवाएं विकसित की जाएंगी। बीएसएल थर्ड लैब का 5 करोड़ रुपए की राशि से, नवीन कार्डियक लैब का 5 करोड़, नवीन परीक्षा कक्षों का निर्माण 20 करोड़ रुपए, संबद्ध चिकित्सालयों के सुदृढ़ीकरण कार्य 20 करोड़ रुपए, बेसमेंट पार्किंग कार्य के लिए 20 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। पीपीपी मोड़ पर एसएमएस अस्पताल में पेटस्कैन व गामा कैमरा तथा जे.के.लॉन में सीटी स्कैन व एमआरआई की सुविधा शुरू जाएगी।

    जयपुरिया चिकित्सालय होगा 500 बैड का

    चिकित्सा मंत्री ने बताया कि जयपुरिया चिकित्सालय में 6 करोड़ रुपए की लागत से एक अतिरिक्त मंजिल का निर्माण कर बेड संख्या में 120 की वृद्धि की जाएगी और अप्रैल 2017 से इसे 500 बेड कर दिया जाएगा। मदर एवं चाइल्ड विंग स्थापित करने के लिए 6 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गयी है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चिकित्सालय में पीपीपी मोड पर 20 करोड़ रुपए की लागत से अंडरग्राउंड पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल में डॉक्टर्स व स्टाफ के लिए आवासीय भवनों का निर्माण किया जाएगा। एमआरआई, सीटी स्कैन व कैथलैब की सुविधा आगामी 3 माह में शुरू कर दी जाएगी। इस चिकित्सालय में 5 माड्यूलर ओटी का निर्माण करवाया जाएगा, साथ ही इमरजेन्सी में 20 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। आगामी एक माह में टु-डी ईको, होल्टर मॉनिटरिंग व टीएमटी प्रारम्भ की जाएगी। डायलिसिस की सुविधा 20 बेड के साथ यथाशीघ्र शुरू की जाएगी। कांवटियां अस्पताल जयपुर में 24 घंटे इमरजेन्सी सेवा प्रारम्भ की जाएगी।

    आरयूएचएस के 500 बैड के अस्पताल के लिए 406 करोड़

    आरयूएसएच मेडिकल कॉलेज के 500 बैड के अस्पताल के लिए 406 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इससे लगभग 5 लाख 68 हजार वर्गफीट का भवन व 26 हजार वर्गफीट गर्ल्स व ब्वॉयज हॉस्टल, नर्सिंग हॉस्टल, रेजीडेन्ट हॉस्टल एवं चिकित्सकों व अन्य कार्मिकों के आवास का निर्माण कार्य प्रगति पर है।