सोलर सिंचाई पंप लगाने में राजस्थान के किसानों ने बनाया रिकॉर्ड, ग्राम-2016 के एक साल में लगाए 9,687 पंप

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solar sinchai pump

राजधानी जयपुर में साल 2016 में हुए ग्राम ( ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट) के परिणाम सामने आ रहे है। ग्राम से प्रभावित होकर राजस्थान के किसानों ने कृषि तकनीकों में कई किस्मों के बदलावों को स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों की आय 2020 में दोगुनी करने का जो लक्ष्य रखा गया हैं अब वो दूर नही हैं। साल 2016-17 में प्रदेश में सोलर सिंचाई पंपों को प्रति किसानों को शानदार रुझ़ान दिखाई दिया हैं। इस साल में प्रदेश के किसानों ने रिकॉर्ड करीब 10,000 सोलर सिंचाई पंप लगवाए हैं जो राजस्थान के लिए एक उपलब्धि हैं। सोलर सिंचाई पंप लगाने में राजस्थान देश में पहले स्थान पर काबिज हैं।

ग्राम-2016 के प्रभाव से बढ़ी सोलर सिंचाई पंपों की संख्या

जयपुर में वर्ष 2016 में आयोजित हुए ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट‘ (ग्राम 2016) के दौरान सोलर सिंचाई पम्प के प्रभावशाली प्रदर्षन के कारण 2016-17 में रिकॉर्ड 9,687 सोलर सिंचाई पम्प लगाए गए। सबसे अधिक रोचक तथ्य यह है कि 6,046 सोलर पम्प तो नवम्बर में आयोजित ‘ग्राम‘ के बाद मात्र साढ़े चार माह के दौरान लगाए गए। जबकि इसी वर्ष ‘ग्राम‘ के आयोजन से पूर्व के साढ़े सात माह में मात्र 3,641 पम्प लगाए गए थे।

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कोटा ग्राम में भी होगा सोलर सिंचाई पंपों का प्रदर्शन

राजस्थान सरकार के उद्यानिकी निदेशक विजय पाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सोलर सिंचाई पम्प लगाए जाने में इस बढ़ोतरी का कारण ’ग्राम 2016’ में लगाए गए ’स्मार्ट फार्म’ में इस पम्प के प्रदर्शन से बड़े पैमाने पर इनका प्रचार है। गौरतलब हैं कि ग्राम में 50,000 से अधिक किसान आए थे, जिन्हें ऐसे पम्पों के लाइव डेमोंस्ट्रेशन देखने को मिला। इस ग्रीन टेक्नोलॉजी को अपनाने से किसानों को काफी लाभ हुआ है। आपकों बता दें कि कोटा में आगामी 24 मई से 26 मई में आयोजित होने वाले ‘ग्राम‘ में भी सोलर सिंचाई पम्प का प्रदर्शन किया जायेगा।

सोलर पंपों से वित्तिय भार होगा कम, किसान होगा खुशहाल

उद्यानिकी निदेशक सिंह ने बताया कि ‘ग्राम‘ का एक अन्य प्रभाव यह भी देखने को मिला कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में सोलर सिंचाई पम्प लगाने के एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) के तहत 54 कंपनियों ने भाग लिया। इनका तकनीकी मूल्यांकन प्रक्रिया पर है। जबकि गत वर्ष 2016-17 में मात्र 18 कंपनियों ने ही ईओआई में भाग लिया था। ऐसे सिंचाई पम्पों के लिए कंपनियों की बढ़ती भागीदारी से यह उम्मीद की जा रही है कि किसानों को अपनी ओर से काफी कम वित्तीय योगदान देना होगा, इसके साथ ही राज्य सरकार को भी सब्सिडी में कम खर्च करना होगा।

सोलर सिंचाई पम्पों की स्थापना में राजस्थान देष में प्रथम स्थान पर है। गत वर्ष के दौरान लगाये गये 9,687 सोलर सिंचाई पम्पों के साथ गौर करने वाली बात यह भी है कि पिछले अनेक वर्षों में राज्य में केवल 20,000 सोलर सिंचाई पम्प ही लगाए गए थे।