
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे सरकार ने पिछले 4 सालों में राजस्थान में गौवंश संरक्षण के लिए कई अग्रणी कदम उठाए हैं। अपने वर्तमान के आखिरी कार्यकाल में भी कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं जिनकी घोषणाएं हाल ही में राजस्थान विधानसभा में पेश किए बजट 2018-19 में की गई हैं। पिछली कांग्रेस सरकार ने पिछले 5 सालों में जहां 800 गौशालों को केवल 85 करोड़ रूपए का अनुदान दिया था, वहीं भाजपा सरकार में पिछले 4 सालों में अनुदान का यह आंकड़ा 700 करोड़ रूपए से अधिक पहुंच गया है। आइए जानते हैं वसुन्धरा सरकार के गौवंश संरक्षण के लिए उठाए गए 5 ऐतिहासिक कदम ….
- गौशालाओं को अनुदान 700 करोड़ से अधिक
बजट घोषणा में गौशालाओं को 3 माह तक मिलने वाले अनुदान में बढ़ोतरी कर 6 माह तक किया गया है। गौशालाओं को वर्ष 2016-17 में 132.68 करोड़ रुपये का अनुदान दिया एवं वर्ष 2017-18 में 183.72 करोड़ रुपये अनुदान देने की प्रक्रिया जारी है और इस प्रकार वर्ष 2016 से अब तक 310 करोड़ रुपये से अधिक अनुदान दिया जा रहा है। इसके अनुसार वर्ष 2018-19 में लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिछले 5 सालों में प्रदेश सरकार द्वारा गौशालाओं को दी जाने वाली अनुदान राशि 700 करोड़ रूपए से ही अधिक है। पूर्ववर्ती सरकार के पारित किए गए अनुदान के मुकाबले यह राशि करीब 10 गुना अधिक है।
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- प्रत्येक नंदी गौशाला को 50 लाख का अनुदान
गौशाला के साथ नंदीशाला को भी संरक्षण प्रदान किया गया है। इसके लिए प्रत्येक जिले में एक नंदी गौशाला को गौसरंक्षण एवं संवर्धन निधि से 50 लाख तक के अनुदान प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया है।

- रजिस्टर्ड गौशालाओं में सुविधाओं के लिए 50 करोड़ की सहायता
प्रदेश भर में गौसंरक्षण के लिए स्थापित रजिस्टर्ड गौशालाओं में सुविधा व्यवस्था बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से 50 करोड़ की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसके गौवंशों के चारे—पानी, रहने और दवाईयों का खर्चा शामिल है। गौशालाओं को पशु आहार के लिए तीन महीने की सहायता को दोगुना कर छह महीना कर दिया गया है।
- नई गौशाला शुरू करने वाले भी अनुदान के पात्र
गौशाला संरक्षण के लिए पुरानी गौशाला संचालकों के साथ ही नए संचालक भी अनुदान के पात्र बनाए गए हैं। जो व्यक्ति गायों को पालने के लिए गौशाला शुरू करेगा, उसे सरकार की तरफ से प्रति गाय के हिसाब से 50 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही गायों के बच्चों के लिए 25 रुपये के हिसाब से अनुदान गौशाला संचालकों को मिलेगा। गौवंशों के अवैध कटान को रोकने के लिए यह योजना बनाई गई है। Cow In Rajasthan
- जिला गोपालन समिति का गठन Cow In Rajasthan
गौवंश के उचित संरक्षण व देखरेख के लिए जिला गोपालन समिति का गठन किया गया है। इसके अध्यक्ष जिला कलेक्टर अध्यक्ष होंगे। सीईओ, जिला कोषाधिकारी, उप निदेशक कृषि सदस्य होंगे। जबकि जिला संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग सदस्य सचिव होंगे। गौशालाओं से प्राप्त अनुदान के आवेदन की यह समिति जांच करेगी। सभी रिकॉर्ड और उपयोगिता प्रमाण पत्र का सत्यापन करेगी। इसके बाद अनुदान की राशि जारी होगी। इससे घोटाला होने की समस्या से भी निजात मिल सकेगी। Cow In Rajasthan

