20 साल बाद कोई प्रधानमंत्री पहुंचा झुंझुनू: यह की घोषणाएं..

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    PM Narendra Modi

    8 मार्च यानि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के झुंझुनू पहुंचे। राजस्थान और झुंझुनूं के लिए यह दिन बहुत खास और ऐतिहासिक बन गया है। दरअसल, राजस्थान की धरती पर पीएम मोदी ने देश को दो नई सौगातें दीं। राजस्थान के झुंझुनूं की धरती से गुरुवार को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान का देश के सभी 640 जिलों में विस्तार किया। साथ ही प्रधानमंत्री ने यहां राष्ट्रीय पोषण मिशन का भी रिमोट दबाकर शुभारंभ किया। जानकारी के लिए बता दें कि 20 साल बाद कोई प्रधानमंत्री झुंझुनू पहुंचा हैं। झुंझुनू में 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आए थे, इसके 20 साल बाद अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झुंझुनू आए हैं। आइये जानते हैं पीएम मोदी ने राजस्थान की धरती पर बड़ी घोषणा करते हुए क्या कहा..

    ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत झुंझुनूं के काम ने यहां आने के लिए मजबूर किया PM Narendra Modi

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम में अपने संबोधन की शुरूआत मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं देकर की। यहां उपस्थित विशाल जन समुदाय को संबोधित करते हुए मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत झुंझुनूं के शानदार काम की सराहना करते हुए कहा कि यहां की उपलब्धि ने मुझे आज इस धरा पर आने को मजबूर कर दिया। मैं आज इस पावन धरा की माटी को अपने मस्तक पर चढाने आया हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज सेवा हो या शिक्षा, दान-पुण्य हो या देश के लिए मर-मिटने की बात, युद्ध हो या अकाल, झुंझुनूं झुकना नहीं जूझना जानता है। झुंझुनूं से जो यह पुनीत काम शुरू हो रहा है उसे हमें जन आंदोलन बनाना है। PM Narendra Modi

    देश को कुपोषण मुक्त करने के लिए 9 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे

    प्रधानमंत्री मोदी ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान का विस्तार और राष्ट्रीय पोषण मिशन लॉन्च करते हुए कहा कि बेटियां बोझ नहीं हमारी आन-बान-शान होती हैं। उन्होंने कहा कि देश को कुपोषण से मुक्त करने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी विकृति के उन्मूलन के लिए देश के हर परिवार को साथ आना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में कई पीढ़ियों से विकृत मानसिकता और सामाजिक बुराइयों के कारण बेटियों को जन्म नहीं लेने देने का जो सिलसिला शुरू हुआ उससे समाज में असंतुलन पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि बेटियों को बेटों के समान जन्म लेने और शिक्षा के अवसर देने की भावना से चलेंगे तो कई पीढ़ियों में आए इस अंतर को हम आने वाली एक-दो पीढ़ियों में ही मिटा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पेयजल एवं स्वच्छता जैसे विभागों को एक ही प्लेटफार्म पर लाकर देश को कुपोषण मुक्त बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2022 तक देश में कुपोषण दर 38 से घटाकर 25 प्रतिशत तक लाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए राष्ट्रीय पोषण मिशन पर 9 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।