
आस्था के नाम पर भारतीय कुछ भी कर देते हैं। अब इसे आस्था कहें य अंधविश्वास इलाहाबाद में हनुमानजी की मूर्ति से आंसू बहने की सूचना पर हजारों लोग मंदिर में दर्शन को उमड़ पड़े। जिसका क्रम आज भी जारी है।
नही मान रहे रूठे हनुमान जी
रोते हुये बजरंगी को शांत कराने के लिये खूब सारे उपाय किये गये। स्नान, दान, सिंदूर, पाठ, पूजा व कई मन्नतों के साथ टोटके भी किये गये कि नाराज बजरंगी मान जाये। आधी रात तक मंदिर में दर्शनार्थियों का मजमा लगा रहा और जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
यहां हैं यह अनौखा हनुमान मंदिर
शहर के अत्याधिक भीड़भाड़ वाले इलाके चौक में बादशाही मंडी पुलिस चौकी के पास एक शिव मंदिर है, जिसमें हनुमान की मूर्ति भी स्थापित की गई है। हनुमानजी की मूर्ति की आंखों से आंसू निकलने की चर्चा फैली तो भीड़ जुटने लगी। भीड़ इतनी बढ गई की सुरक्षा व्यवस्था के दर्जनों की संख्या में पुलिस कर्मियों को ड्यूटी लगा दी गई । आस्था में मंत्रमुग्ध हर कोई अपने अपने हिसाब से आंसू निकलने की वजह बताता रहा ।
आंसू की बात सुनकर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
पुजारी का बोलना था कि उमड़ पड़ी आस्थामंदिर के पुजारी राम किशोर मिश्र ने पूजा के दौरान देखा कि मूर्ति पर पानी की कुछ बूंदें हैं, जो आंखों से लगातार निकल रही हैं। जैसे ही बात लोगों तक पहुंचती गई मंदिर आस्था का हुजूम उमड़ने लगा। न कोई त्योहार या व्रत न ही कोई विशेष मुहूर्त फिर भी इस छोटे से मंदिर में हजारों लोगों की इतनी भीड़ उमड़ी की गली तक में पैर रखने की जगह नहीं रही।
वैज्ञानिक कारण मरक्यूरिक ऑक्साइड पत्थर की मूर्ति पर मरक्यूरिक ऑक्साइड की प्रचुर मात्रा वाले सिंदूर का लगातार लेपन होता है। जो पानी को सोखता रहता है। एक स्थिति ऐसी आती है जब मूर्ति में पानी की मात्रा अधिकतम स्तर तक पहुंच जाती है। ऐसे में मूर्ति पर कुछ बूंदें दिखाई देती हैं।

