बच्चियों के लिए स्पोर्ट्स से लेकर स्कूल को अडॉप्ट करने तक यह 10 तरीके जिनसे आप बन सकते हैं शिक्षा सुधार में भागीदार

0
1211
Gyan Sankalp Portal

आज के दौरे में लड़कियां शिक्षा के क्षेत्र में जिस तरह सफलता छू रही है, उनका भविष्य काफी उज्जवल है। प्रदेश सरकार भी बालिकाओं की शिक्षा की तरह जागरूक है लेकिन यह काफी नहीं। केवल सरकार के उत्तरदायित्व वहन करने से बात नहीं बनेगी। इसके लिए स्थानीय लोगों को भी आगे आना होगा। ऐसा ही एक दायित्व है भामाशाहों का। Gyan Sankalp Portal

भामाशाह बन बच्चियों के लिए स्पोर्ट्स से लेकर सरकारी स्कूलों को अडॉप्ट/गोद लेकर उनके विकास और शिक्षा सुधार में भागीदार बना जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे 10 तरीकों के बारे में, जिनके जरिए आप प्रदेश की शिक्षा में अपना बहुमुल्य योगदान दे सकते हैं। Gyan Sankalp Portal

Read More: राजस्थान: जानिए कौन है बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी?

  1. अपनी खेती की जमीन या पुस्तैनी जमीन स्कूल के लिए दान कर या फिर स्कूल समिति के नाम कर आप शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे सकते हैं।
  2. स्कूल परिसर में भवन निर्माण कराकर या फिर शिक्षण के लिए कुछ नए कमरों का निर्माण या नवनिर्माण या जीर्णोद्धार कर आप सरकार का सहयोग कर सकते हैं।
  3. ज्ञान संकल्प पोर्टल व सीएम विद्यादान कोष में राशि दान कर आप अपनी भागीदारी निभा सकते हैं। आयकर विभाग से इस संबंध में छूट का भी प्रावधान है।
  4. विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे स्कूली छात्राओं और बच्चों को किताबें, ड्रेस, बस्ता व अन्य पठन सामग्री प्रदान कर शिक्षा सुधार में भागीदार बना जा सकता है।
  5. स्कूल की कुछ बच्चियों या फिर किसी बच्ची की ताउम्र पढ़ाई की जिम्मेदारी लेकर भी भामाशाह की जिम्मेदारी पूरी की जा सकती है।
  6. विद्यालय में शौचालय निर्माण, फर्निचर निर्माण, साज—सज्जा या अन्य व्यवस्था कर अपनी जिम्मेदारी निभाई जा सकती है।
  7. विद्यालय में रनिंग ट्रेक या बास्केटबॉल या बॉलीबॉल ग्राउण्ड सहित अन्य स्पोर्ट्स एक्टिविटी एरिया का निर्माण कर छात्राओं को स्पोर्ट्स के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा सकता है। स्पोर्ट्स से संबंधित उपकरण देकर भी यह कार्य किया जा सकता है। Gyan Sankalp Portal
  8. कम्प्यूटर लैब या प्रोजेक्टर लैब का निर्माण ​कराया जा सकता है। Gyan Sankalp Portal
  9. लाइब्रेरी का निर्माण या फिर पुस्तकालय में किताबे उपलब्ध कराने का दायित्व उठाया जा सकता है। विद्यालय परिसर में आंगनबाड़ी केन्द्र की स्थापना का दायित्व निर्वहन किया जा सकता है।
  10. भामाशाह न बनकर और केवल प्रेरक बनकर इस कार्य में सहयोग किया जा सकता है। Gyan Sankalp Portal