
रविवार को धौलपुर में हो रहे उपचुनाव को ले के राजस्थान निर्वाचन आयोग ने जोरों शोरों से सभी तैयारियां पूरी कर ली है। लोकल मीडिया के आकर्षण का केंद्र बने धौलपुर चुनाव में दो बड़ी राजनैतिक पार्टियों (भाजपा और कांग्रेस) के बीच कांटे की टक्कर होगी जिस वजह से निर्वाचन आयोग और राजस्थान पुलिस को चुनाव तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़नी है। आइये धौलपुर उपचुनाव की तैयारियों का जायज़ा लेते हैं।

निर्वाचन अफसरों ने जगाई वोट के लिए जागरूकता…
जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार इस बार चुनाव आयोग ने अधिक से अधिक मतदान करने के लिए मतदाताओं को मोटिवेट किया है। विधानसभा क्षेत्र में 95 प्रतिशत से अधिक पर्चियां बांटी जा चुकी हैं। आज देर शाम तक लोगों से वोट डालने की अपील की जाएगी। उनके प्रयासों के कारण एक माह के अंदर करीब 10 हजार नए वोटर्स ने अपने नाम दर्ज कराए हैं। ये सभी मतदाता 18-19 वर्ष के हैं जोकि पहली बार मतदान करेंगे।
कड़ी सुरक्षा में कराये जाएंगे मतदान…
वर्तमान में धौलपुर में एक लाख 90 हजार मतदाता हैं जिनके लिए 231 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान केंद्रों में चुनाव प्रक्रिया पर नज़र रखने हेतु 231 पोलिंग दल के अतिरिक्त 23 रिजर्व मतदान दल भी बनाए गए हैं। इन सभी मतदान केंद्रों के स्टाफ को वोटिंग के लिए अलग-अलग फेज में प्रशिक्षित किया गया है। सुरक्षा पहलू को नज़र में रखते हुए सरकार ने धौलपुर उपचुनाव के लिए 2000 प्रशिक्षित पुलिस कर्मचारियों को भी नियुक्त किया है। पूरे जिले में 68 ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें सुरक्षा प्रबंधों की सख्त ज़रूरत है। उन क्षेत्रों में मतदाताओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने पहले से ही प्रबंध कर रखा है। पोलिंग बूथ के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजस्थान के इतिहास में पहली बार उपचुनाव के लिए नयी वीवी पैट मशीनें लगायी जाएंगी…
हाल ही में हुए पांच राज्यों के चुनावों के बाद केंद्र सरकार के ऊपर ईवीएम टैंपरिंग (मतदान मशीन से छेड़खानी) के आरोप लगे हैं। इसके बाद सरकार के साथ ही साथ निर्वाचन आयोग भी इस दिशा में जागरूक हो गया है। आगामी चुनाव में मतदान मशीन से छेड़खानी रोकने हेतु निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर वीवी पैट मशीन लगाने का फैसला किया है। इन मशीनों पर बटन दबाने पर मतदाता यह सुनिश्चित कर सकेगा कि उसने जिसे वोट दिया है, वह वोट उसी प्रत्याशी को गया है कि नहीं। इस बात को पुख्ता करने हेतु मशीन में वेरिफिकेशन बार लगे हुए हैं जिनपर उस प्रत्याशी का चुनाव चिह्न नजर आ जाएगा।
मतदान केंद्रों पर होगी वीडियोग्राफी…
जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर शुचि त्यागी ने बताया कि सभी पोलिंग दलों के साथ वीडियोग्राफर भी होंगे। सभी मतदान केंद्रों पर वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि वहां चल रही गतिविधियों को कैमरे में कैद किया जा सके और गड़बड़ी की स्थिति में जांच के दौरान वह साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल हो सके। बुजुर्गों और औरतों की सुविधा के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी रवाना किया जा रहा है। वे मतदान केंद्र पर आपातकालीन स्तिथि में लोगों कि मदद करेंगे।

