
राजस्थान में लगातार हुई बरसात के कारण कई जिलों में बिगड़े हालात का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अतिवृष्टी प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री राजे ने शनिवार और सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ज़मीनी स्तर पर पैदा हुए हालात की जानकारी ली। मुख्यमंत्री राजे ने इस मौके पर जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई उन्हे लताड़ भी लगाई और बाढ़ के हालात पर चिंता जाहिर करते हुए गलती सूधारने के लिए निर्देश दिए। मुख्यमंत्री राजे ने बाढ़ प्रभावित जालोर, सिरोही, पाली और बाड़मेर जिलों में आपदा प्रभावितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री राजे ने बाढ़ के कारण मारे गए लोगों के परिजनों को 1-1 लाख रुपए, गंभीर घायलों को 25 हजार एवं सामान्य घायलों को 10 हजार रुपए प्रति व्यक्ति देने की घोषणा की है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भी राजस्थान में बाढ़ प्रभावितों को लिए मुआवजे की घोषणा की थी।
गंभीर घायलों को 25 हजार एवं घायलों को 10 हजार की आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने बाढ़ प्रभावित जालोर, सिरोही, पाली एवं बाड़मेर जिलों में आपदा प्रभावितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री राजे ने इन क्षेत्रों में बाढ़ से मारे गये लोगों के परिजनों को 1-1 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 25 हजार और सामान्य घायलों को 10 हजार रुपये प्रति व्यक्ति सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। आपको बतादें कि मुख्यमंत्री राजे ने सोमवार को जालोर एवं सिरोही सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लौटकर मुख्यमंत्री निवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक ली, जिसमें आपदा एवं राहत कार्यों की समीक्षा की।
50 फीसदी से ज्यादा खराबें की जल्द करें गिरदावरी रिपोर्ट तैयार
उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों जहां 50 प्रतिशत से ज्यादा फसल खराबा हुआ है वहां गिरदावरी का कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए मकानों का सर्वे कर जल्द ही राशि भुगतान करने तथा टूटी हुई रपटों, पुलिया एवं बांधों की शीघ्र मरम्मत करने को कहा। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त मेडिकल टीमें भेजने तथा संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए समुचित प्रबंध करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने रेलवे अधिकारियों से चर्चा कर आरयूबी में भरे पानी एवं मिट्टी की सफाई करने, जिन इलाकों में पानी भरा है वहां नावों का इंतजाम करने तथा पशुधन एवं जनधन की हानि के मामलों में तुरन्त आर्थिक मदद देने के निर्देश भी दिए।


