चम्बल-भीलवाड़ा परियोजना से 9 शहरों को मिलेगा शुद्ध पीने का पानी

0
897
Chambal Bhilwara

चम्बल-भीलवाड़ा वृहद परियोजना से भीलवाड़ा जिले के 9 शहरों की जनता को पीने का शुद्ध पानी मिलेगा। इस योजना की लागत करीब 2200 करोड़ रुपए आएगी। यह जानकारी दी है मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने। मुख्यमंत्री राजे हाल ही में भीलवाड़ा जिले के गंगापुर कस्बे में आयोजित एक आम सभा को संबोधित कर रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना का दूसरा चरण भी जल्दी शुरू होगा। चम्बल-भीलवाड़ा परियोजना के माण्डल क्लस्टर के दूसरे चरण से 168 गांवों को पीने का पानी मिलेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री राजे ने जिले में स्थानीय आवश्कता के अनुसार छोटे-मोटे कार्यों की पूर्ति के लिए जिला कलक्टर को 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा भी की है। Chambal Bhilwara

जून, 2020 तक मिलने लगेगा पानी Chambal Bhilwara

मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने मंच को संबोधित करते हुए कहा कि गंगापुर और आसपास के 326 गांवों को चम्बल-भीलवाड़ा पेयजल परियोजना के दूसरे फेज से पानी मिलेगा। इस योजना का निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष में पूरा जाएगा और जून 2020 तक गंगापुर तथा आसपास के क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति शुरू हो जाएगी। स्थानीय सांसद तथा विधायक कुछ दिन में इस योजना का शिलान्यास करेंगे। Chambal Bhilwara

Read More: पीएम मोदी 6 अक्टूबर को अजमेर आएंगे, राजस्थान गौरव यात्रा के समापन समारोह में होंगे शामिल

अन्य निर्माण भी प्रगति पर Chambal Bhilwara

पेयजल परियोजना के साथ-साथ आगामी कुछ महीनों में क्षेत्र के 20 स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा कक्ष, खेल मैदान और प्रार्थना स्थल आदि का निर्माण कराया जाएगा। जिले में 132 केवी क्षमता का एक तथा 33 केवी क्षमता के 10 जीएसएस के निर्माण कराने के बाद अब 2 नये 33 केवी के जीएसएस की स्वीकृति दे दी गई है, जिनका कार्य भी शीघ्र शुरू होगा।

जिले में 13 हजार करोड़ से मिली विकास को गति Chambal Bhilwara

मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने जिले की काया पलट के संदर्भ में कहा कि बीते पांच वर्षों में भीलवाड़ा जिले में 13 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्य हुए हैं। अकेले सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 1500 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए हैं। इस क्षेत्र की सभी 64 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण गौरव पथ बनाए गए हैं तथा 64 स्कूलों को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया गया है। भीलवाड़ा में बिजली तंत्र के सुधार कार्यों के लिए 550 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। Chambal Bhilwara