केंद्र सरकार दिया राजस्थान को न्यू ईयर का तोहफा, ‘अमृत मिशन’ के लिए 3,224 करोड़ के प्रोजेक्ट किए मंजूर

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Amrut yojana rajasthan government

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान मिशन को भले ही शहरी लक्ष्यों के मुताबिक क्रियान्विक नही कर सके लेकिन अमृत मिशन को धरातल पर लाने के लिए राजस्थान नंबर एक पर रहा हैं।

राजस्थान ने एक और कीर्तिमान स्थापित करते हुए अमृत मिशन के तहत केन्द्र से अपने सभी प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) के तहत राजस्थान के 3 हजार 224 करोड़ रूपये के सभी प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं। इनके तहत प्रदेश के 29 शहरों में जलापूर्ति, सीवरेज सुविधाएं तथा पार्क एवं हरित क्षेत्र विकसित किए जायेंगे।

गौरतलब है कि राजस्थान ने अमृत योजना में सबसे पहले राज्य का वार्षिक एक्शन प्लान तैयार कर केन्द्र सरकार को भेजा था। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने मिशन की पूरी अवधि के लिए प्लान को मंजूरी दे दी है ताकि विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सके।

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे को पत्र लिखकर राज्य के सम्पूर्ण मिशन प्लान की मंजूरी पर बधाई दी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रदेश ने जिस तेजी के साथ अमृत मिशन के तहत प्रोजेक्ट की योजना तैयार की और उनको मंजूरी मिली, उसी तेजी से इनका क्रियान्वयन भी होगा।

केन्द्रीय मंत्री नायडू ने पत्र में लिखा कि नवम्बर, 2015 एवं जून, 2016 में स्वीकृत हुए पहले दो चरणों के लिए कुल परियोजना लागत की 20 प्रतिशत राशि पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है और नवम्बर 2016 में स्वीकृत की गई परियोजनाओं के लिए मार्च, 2017 तक राशि उपलब्ध करा दी जायेगी।

राजस्थान के 29 शहरों में हो रहा हैं अमृत के जरिए  विकास कार्य

अमृत मिशन के अन्तर्गत देश में एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले 500 शहरों में विभिन्न विकास कार्य हो रहे हैं। राजस्थान में अमृत योजना में 29 शहर जयपुर, जोधपुर, भिवाड़ी, ब्यावर, हनुमानगढ़, गंगापुरसिटी, हिन्डौन सिटी, सुजानगढ़, कोटा, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, अलवर, भरतपुर, सीकर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, चुरू, बारां, चित्तौड़गढ़, नागौर, बून्दी, भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर, पाली, टोंक, झुन्झुनूं, किशनगढ़ एवं झालावाड़ शामिल किए गए हैं।

अमृत मिशन को धरातल पर लाने के लिए मुख्यमंत्री राजे को मिली थी बधाई

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने मिशन की समीक्षा रिपोर्ट में यह जानकारी दी । केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को पत्र लेखकर इसकी बधाई दी। अटल मिशन फॉर अरबन रिजुवेनेशन एंड अरबन ट्रांसफॉरमेशन(अमृत) के तहत देश भर के एक लाख से अधिक आबादी बाले पांच सौ शहरों में पेयजल, सीवरेज, शहरी परिवहन और हरियाली विकास की योजनाएं प्रस्तावित हैं। अब तक केंद्र सरकार अमृत में करीब पचास हजार करोड़ रुपए की योजनाएं स्वीकृत कर चुकी हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से हाल ही में सभी राज्यों की समीक्षा रिपोर्ट जारी की हैं। इस कुल स्वीकृत योजनाओं को मौके पर शुरू करने और उनकी निविदाएं जारी करने के मामले में राजस्थान 100 फीसदी अंकों के साथ पूरे देश में पहले स्थान पर हैं।

क्या हैं अमृत मिशन

छोटे शहरों एवं कस्बो में भी मूलभूत आवश्यकताओ से जुडी बहुत समस्याए है एवं उनके लिए कुछ खास प्रबंध नहीं, बहुत सी समस्याए है जिनको लेकर शहरों एवं कस्बो के लोगो को बहुत सारी समस्याए थी जैसे – पेयजल , बिजली , परिवहन इत्यादि लेकिन मोदी सरकार ने आते ही इन सब समस्याओ के निराकरण के लिए बहुत ही अच्छी सुविधा की घोषणा की जिसका नाम है “अमृत योजना ” यह मोदी सरकार का बहूत अनूठा प्रयास है शहरी एवं कस्बो के संपूर्ण विकास के लिए ।

प्रधानमंत्री ‪नरेंद्र ‎मोदी जी ने कायाकल्प एवं शहरी रूपांतरण के लिए इस अटल मिशन “अमृत योजना “का ऐलान किया । इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार छोटे शहरों व कस्बों को या फिर शहरों के कुछ अनुभागों को चुनेगी और वहां पर बुनियादी सुविधाएं स्थापित करेगी। मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिये 5000 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।

‪‎प्रधानमंत्री ‪‎अमृत ‪‎योजना का पूरा नाम “अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन ” है। इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जून 2015 को लांच किया था। इस मिशन का उद्देश्य देश के सभी शहरों में पानी की जलापूर्ति और सीवेज कनेक्शन प्रदान करना है। वित्त वर्ष 2015 से पांच वर्ष के लिए अमृत पर 5000 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है।

अमृत परियोजना के अंतर्गत जिन कस्बों या क्षेत्रों को चुना जायेगा वहां बुनियादी सुविधाएं जैसे- बिजली, पानी की सप्लाई, सीवर, सेप्टेज मैनेजमेंट, कूड़ा प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, ट्रांसपोर्ट, बच्चों के लिये पार्क, अच्छी सड़क और चारों तरफ हरियाली, आदि विकसित की जायेंगी। इनके अतिरिक्त ई-गवर्नेन्स के माध्यम से कई ऐसी सुविधाएं दी जायेंगी जो लोगों के जीवन को सुगम बनायेंगी। हर क्षेत्र के अंतर्गत नगर निकाय की कमेटियां होंगी, जो इस परियोजना को सफल बनाने की जिम्मेदारी उठायेंगी।

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