
जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सभी 200 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। बीजेपी ने आखिरी वक्त पर अजमेर की मसूदा, बीकानेर की कोलायत और बारां की अटरू विधानसभा सीट के उम्मीदवार बदल दिए है। मसूदा से अभिषेक चौधरी के स्थान पर वीरेंद्र सिंह कानावत, कोलायत से अंशुमान सिंह और बारां-अटरू से राधेश्याम बैरवा को उम्मीदवार बनाया है। इन सीटों पर टिकट में बदलाव राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। आइए जाते है बीजेपी में आखिरकार क्यों उम्मीदवारों को बदलना पड़ा।
अजमेर की मसूदा सीट
भाजपा ने अजमेर की मसूदा विधानसभा सीट पर पहले अभिषेक सिंह का फाइनल करते हुए सूची में शामिल किया था। नाम सूची में आने के फ़ौरन बाद अभिषेक ने मीडिया से बातचीत में शीर्ष नेतृत्व का शुक्रिया अदा करते हुए अपनी जीत का दावा तक किया था। अभिषेक की जगह वीरेंद्र सिंह कानावत को नया अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया। बताया गया कि अभिषेक सिंह ने कुछ गलत जानकारियों के साथ दस्तावेज प्रस्तुत कर टिकट हासिल किया है। इस बात के सामने आने के बाद आलाकमान गंभीरता से लिया और आखिर वक्त पर टिकट में बदलाव करना पड़ा।
बारां की अटरू विधानसभा सीट
भाजपा को बारां की अटरू विधानसभा सीट पर भी अपने प्रत्याशी के नाम पर आखिरी समय में बदलाव करना पड़ा। दरअसल, इस रिजर्व सीट पर पूर्व घोषित प्रत्याशी सारिका की जाति प्रमाण पत्र से कुछ कारणों से उनका नामांकन कैंसल हो गया। बताया जा रहा है कि सारिका के पास एससी वर्ग का प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था, जिसके चलते चुनाव अधिकारी ने उनके फार्म को पूरे डॉक्यूमेंट नहीं होने के चलते लेने से मना कर दिया। एमपी में सारिका सिंह चौहान की जाति ओबीसी कैटेगरी में है, जबकि राजस्थान की बारां-अटरू सीट पर उनका परिवार अनुसूचित जाति वर्ग में है। इसी वजह से भाजपा ने उन्हें टिकट दिया था। लेकिन पार्टी को अब ऐन वक्त पर बदलाव करते हुए राधेश्याम बैरवा को टिकट थमाना पड़ा।
बीकानेर के कोलायत सीट
आखिरी समय पर टिकट बदलने का मामला बीकानेर के कोलायत में भी सामने आया। हालांकि यहां मां का टिकट काटकर पुत्र को ही टिकट थमाकर बात घर के अंदर ही रही। भाजपा ने इस सीट पर पूर्व घोषित प्रत्याशी पूनम कंवर की जगह उनके बेटे अंशुमान सिंह को प्रत्याशी बनाने का फैसला लिया। गौरतलब है कि प्रत्याशी अंशुमान सिंह पूर्व सांसद स्व. महेंद्र सिंह के पुत्र और पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के पौत्र हैं।

