
जयपुर। राजस्थान में राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में प्राइवेट डॉक्टर्स का चल रहा आंदोलन खत्म हो गया है। आरटीएच बिल को लेकर प्राइवेट डॉक्टर्स और गहलोत सरकार के बीच अंतत मंगलवार को समझौता हो गया है। इससे अब राजस्थान में चिकित्सा सेवाएं सुचारू होने की राह खुल गई है। अब कल सुबह 8 बजे से प्रदेशभर में सभी निजी अस्पताल शुरू हो जाएंगे। समझौता होने के बाद पीएचएनएस सचिव डॉ. विजय कपूर ने इसकी घोषणा की। सरकार के डॉक्टर्स की सारी शर्तें मान ली है, जिसके बाद 8 बिंदुओं पर सहमति बनी है।
इन 8 शर्तों पर बनी सहमति
1. एचएम ने पहले ही 50 बिस्तरों से कम वाले निजी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पतालों को आरटीएच से बाहर कर दिया है।
2. सभी निजी अस्पतालों की स्थापना सरकार से बिना किसी सुविधा के लारिड के रूप में की जा रही है। रियायती दर पर बुलिंग को भी आरटीएच अधिनियम से बाहर रखा जाएगा।
3. इसके बाद, अस्पतालों की निम्नलिखित श्रेणी आरटीएच अधिनियम द्वारा कवर की जाएगी।
– निजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल
– पीपीपी मोड पर बने अस्पताल
– सरकार से मुफ्त या रियायती दरों पर जमीन लेने के बाद स्थापित अस्पताल
4. राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर बने अस्पतालों को कोटा में नियमित करने पर विचार किया जायेगा।
5. आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए पुलिस मामले और अन्य मामले वापस लिए जाएंगे।
6. अस्पतालों के लिए लाइसेंस और अन्य स्वीकृतियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम।
7. फायर एनओसी नवीनीकरण हर 5 साल में माना जाएगा।
8. नियमों में कोई और परिवर्तन, यदि कोई हो, आईएमए के दो प्रतिनिधियों के परामर्श के बाद किया जाएगा।

