7 विपक्षी दलों का सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग का नोटिस

0
895
Chief Justice Impeachment
bhaskar.com

सीबीआई जज बीएच लोया की मौत के मामले में जांच की अर्जी खारिज करने के अगले ही दिन सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया गया है। चौं​काने वाला पहलू यह रहा कि कांग्रेस की अगुवाई में 7 विपक्षी दलों ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मिलकर उन्हें यह प्रस्ताव सौंपा है।

8 पृष्ठीय प्रस्ताव में पहली लाइन लिखी है—’यह दिन न देखना पड़ता तो अच्छा था।’ प्रस्ताव पर कांग्रेस, सहित माकपा, भाकपा, सपा, बसपा, एनसीपी और आईयूएमएल दलों के 71 सांसदों के हस्ताक्षर हैं जिसमें 7 पूर्व सांसद शामिल हैं। यानि कुल 64 हस्ताक्षर मान्य हैं लेकिन जरूरत केवल 50 सांसदों की थी। चीफ ज​स्टिस पर 5 आरोप लगाए गए हैं। गौरतलब है कि चीफ जस्टिस 2 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं।

महाभियोग में ​चीफ जस्टिस पर लगाए 5 आरोप

  1. प्रसाद एजूकेशन ट्रस्ट केस चीफ जस्टिस ने संबंधित लोगों को गैरकानूनी लाभ दिया।
  2. चीफ जस्टिस ने आचार संहिता के सिद्धांत को ताक पर रखा, केस की सुनवाई में खुद मौजूद रहे।
  3. चीफ जस्टिस ने पहले से तैयार नोट फर्जीवाड़ा कर डेट बदलकर आदेश में जुड़वाया।
  4. गलत हलफनामा देकर जमीन पर कब्जा किया, अलॉटमेंट रद्द होने पर भी वापस नहीं की जमीन।
  5. तय नतीजे पाने के लिए जजों का मनमाना चयन किया, मर्यादा का ध्यान नहीं रखा।

Chief Justice Impeachment

पूर्व प्रधानमंत्री सहित वरिष्ठ नेताओं ने किया विरोध

महाभियोग प्रस्ताव पर असमंजस की स्थिति तो तब पैदा हो गई जब नोट्स पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेता चिदंबरम के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खु​र्शीद और अभिषेक मनु सिंघवी ने महाभियोग का विरोध कर पार्टी में फूट को जग जाहिर कर दिया। यह भी पता चला है कि मनमोहन सिंह ने खुद प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।

Read More: दिल्ली से जयपुर तक बैठकें जारी, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की घोषणा शनिवार को संभव

ऐसे में यही लग रहा है कि केवल द्वेश के चलते यह प्रस्ताव लाया जा रहा है। हालांकि कांग्रेस ने सफाई दी है कि चिदंबरम से जुड़े कुछ मामले सुप्रीम कोर्ट में चल रहे हैं और मनमोहन सिंह को बतौर पूर्व प्रधानमंत्री पद की गरिमा के चलते इससे दूर रखा गया है।

पहले भी जजों पर लग चुके हैं महाभियोग Chief Justice Impeachment

जजों पर महाभियोग का प्रस्ताव कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले पिछले 25 सालों में 6 जजों के खिलाफ महाभियोग की कोशिश हुई। इनमें से दो ने बीच में ही इस्तीफा दे दिया। चार को हटाया नहीं जा सका। यह महा​भियोग की रिपोर्ट राज्यसभा में पेश हुई तो जीत के लिए 123 वोट जरूरी होंगे। जिन 7 दलों ने यह प्रस्ताव रखा है, राज्यसभा मं उनके सिर्फ 78 सांसद हैं। ऐसे में प्रस्ताव गिरना तकरीबन तय है। Chief Justice Impeachment

चीफ जस्टिस मिश्रा ने रोजमर्रा की तरह की सुनवाई Chief Justice Impeachment

दूसरी ओर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा जिनपर महा​​अभियोग प्रस्ताव लाया गया है, शुक्रवार दोपहर पौने एक बजे तक रोजमर्रा की तरह मामलों की सुनवाई की। महा​​अभियोग प्रस्ताव की जानकारी मिलने पर कुछ जजों के साथ बैठक की और फिर किसी केस की सुनवाई नहीं की। Chief Justice Impeachment