
राजस्थान में कल Vasundhara Raje सरकार के 4 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस अवसर पर अगले एक सप्ताह तक प्रदेशभर में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वसुन्धरा सरकार के पिछले 4 साल कैसे रहे, इस बात का जवाब देते हुए जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने बताया कि मौजूदा सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक को पेयजल उपलब्ध्ता सुनिश्चत करने और हर खेत को पानी पहुंचाने कराने के लिए कृत संकल्पित है। इसी विजन को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने 4 वर्षों में 11 हजार 930 करोड़ रुपए की परियाजनाएं स्वीकृत की जबकि पूर्ववर्ती सरकार के पूरे पांच वर्ष में महज 4 हजार 257 करोड़ रुपए की परियोजनाएं बनीं। राज्य सरकार ने कृषि, पेयजल एवं औद्योगिकी आवश्यकताओं के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। यही नहीं राज्य में राजस्थान नदी बेसिन एवं जल संसाधन आयोजना प्राधिकरण का गठन भी
अन्तर बेसिन स्थानान्तरण परियोजना
राज्य में Vasundhara Raje सरकार के 4 साल के कार्यकाल में ही अन्तर बेसिन स्थानान्तरण परियोजना के अन्तर्गत पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के अन्तर्गत राज्य के 13 जिलों (झालावाड़, बारां, कोटा, बून्दी, सवाईमाधोपुर, अजमेर, टोंक, जयपुर, दौसा, करौली, अलवर, भरतपुर एवं धौलपुर) में पेयजल एवं 2.00 लाख हैक्टयर क्षेत्र में 37 हजार 247 करोड़ रूपए की लागत से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी परियोजना की डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए केन्द्रीय जल आयोग को भेज दी गई है। धौलपुर लिफ्ट सिंचाई एवं पेयजल परियोजना के निर्माण हेतु 772 करोड़ रूपये का कार्यादेश जारी कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
फोर वाटर्स कन्सेप्ट योजना
राज्य में पानी की समस्या के स्थाई निदान के लिए फोर वाटर्स कन्सेप्ट योजनान्तर्गत वर्षा जल, स्तही जल, मृदा जल एवं भू-जल के समुचित उपयोग के लिए 836.82 करोड़ रुपये के 426 कार्य स्वीकृत किए गए। इस योजना के तहत माही बेसिन, चम्बल बेसिन, लूणी-सूकली, पश्चिमी बनास, गम्भीर, बनास, शेखावाटी, पार्बती बेसिन में चैक डेम बनाए गये है।
वन सम्पदा एवं वन्य जीव संरक्षण
प्रदेश में हाल के 4 वर्षों में राज्य में वन सम्पदा एवं वन्य जीव संरक्षण की दिशा में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है गत 4 वर्षों में प्रदेश के वन क्षेत्रों में 2.23 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण किया गया है व 930.62 लाख पौधे रोपित किये हैं। प्रदेश में 122 लाख की लागत से नोलक्खा किला स्मृति वन, झालावाड़, अजमेर में जयपुर पुष्कर बाईपास मुख्य मार्ग पर 20 हैक्टेयर में हर्बल गार्डन, सीकर में 783 लाख की लागत से स्मृति वन व उदयपुर में गोवर्धन सागर तालाब के पास 46 लाख की लागत से स्मृति वन विकसित कर आम जन के लिये खोल दिया गया है । चूरू में 11.66 करोड़ की लागत से नेचर पार्क का विकास किया जा रहा है।
जल संसाधन और जल प्रबंधन
जल संसाधन और जल प्रबंधन के क्षेत्र में पिछले चार सालों में वसुन्धरा राजे सरकार ने कीर्तिमान खड़े किए हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के किसान को केन्द्र में रखकर उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित और तकनीकी उपयोग को बढ़ाया दिया। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे और जल संसाधन मंत्री डा. रामप्रताप की किसान हितैषी सोच का ही नतीजा है कि आज किसान को सिंचाई के लिए पानी की दिक्कत नहीं है।
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान आज राज्य की पहचान बन गया है और इस अभियान से दूसरे राज्य भी प्रेरणा ले रहे हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा नहरों पर सोलर पैनल लगाये जाकर पानी की क्षति को कम करने व सौर ऊर्जा का उत्पादन किए जाने के संबंध में 2 मेगावाट सोलर फोटो वोल्टेज पावर प्लांट के लिए मुख्य अभियन्ता जल संसाधन उत्तर हनुमानगढ़ द्वारा कनसेप्ट पेपर तैयार किया गया है। फर्म द्वारा 4.45 रुपए प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी।
अन्य उपलब्धियां
— 114 सहायक अभियंताओं, 994 कनिष्ठ अभियंताओं एवं 298 मृतक आश्रितों को नियुक्ति प्रदान की गई एवं 65 पटवारियों की भर्ती वर्तमान में प्रक्रियाधीन है।
— ब्राह्मणी नदी के आधिक्य जल को बनास नदी में अपवर्तित करने के कार्य की 4 हजार करोड़ की डीपीआर तैयार की जा चुकी है।
— पार्वती-कालीसिन्ध-मेज-चाकन नदियों के बेसिन के अधिशेष जल को बनास- गम्भीरी-पार्वती नदियों के बेसिन में अपवर्तित करने के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए राशि रुपए 22.70 करोड़ के कार्यादेश मैसर्स वेपकोस को जारी कर दिए गए हैं। केन्द्रीय जल आयोग, नई दिल्ली द्वारा अनुमोदित की जा चुकी है।
— 40 वर्षों के बाद धौलपुर लिफ्ट की सीईसी सर्वोच्च न्यायालय से क्लीयेरेन्स प्राप्त की जाकर इसकी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति 852 करोड़ रुपए की जारी की गई है।
— आर.आर.आर. स्कीम के अन्तर्गत 25 कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं एवं 7 कार्य प्रगतिरत हैं। इनके अतिरिक्त 98 करोड़ के 36 कार्यों के प्रस्ताव भारत सरकार को भिजवाये गये है, जो स्वीकृति प्रक्रिया में है।
— 25 जिलों में पूर्व निर्मित वृहद, मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु आर.डब्ल्यू.एस.एल.आई.पी.योजना के तहत 3 हजार 461 करोड़ रुपये की योजना तैयार कर भारत सरकार को भेज दी गई हैं।
— 34 कार्यों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति 1069.40 करोड़ की जारी की जा चुकी है, जिनमें से 30 कार्यों की निविदा आमंत्रित कर ली गई हैं।




