अवैध खनन मामलें में फंसे पूर्व काँग्रेसी नेता परसराम मोरदिया के बेटे, ज़ारी हुआ 274 करोड़ रूपए वसूली का नोटिस

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    राजस्थान में 2008 से 2013 के अपने सत्ता के दौर में अनेकों घोटालों को अंजाम देने वाली कांग्रेस पार्टी लाख कोशिशों के बावजूद, आज तक अपने दाग छुपा पाने में नाकाम रही है। इसका मुख्य कारण यह रहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के लगभग हर मंत्री या नेता ने अपनी जेब भरनी चाही। जनता की परवाह न करने वाले नेताओं ने पार्टी के भविष्य की चिंता न करते हुए कई घोटालें किये। इन घोटालों में कांग्रेसी नेताओं ने स्वयं के लाभ के साथी ही, रिश्तेदारों और जानकारों को भी फायदा पहुँचाया। इसी कड़ी में कांग्रेस के भूतपूर्व नेता परसराम मोरदिया का बेटा राकेश मोरदिया का नाम आया है। राकेश मोरदिया अवैध खनन के मामले में फंस गए है। जुर्माने के तौर पर राकेश मोरदिया और उनकी फर्म को राज्य खनिज विभाग ने 274 करोड़ रुपए की वसूली के लिए नोटिस ज़ारी किया है।

    इससे पहले भी ज़ारी किया गया था नोटिस:

    इस हालियां नोटिस से पहले भी खनिज विभाग ने राकेश मोरदिया के नाम मांग निकलकर नोटिस जारी किया था। उस समय अपना बचाव करने के लिए राकेश मोरदिया ने राजस्थान उच्च न्यायलय में याचिका लगा दी थी। उस याचिका के आधार पर राज्य हाईकोर्ट ने वह डिमांड नोटिस निरस्त कर दिया था। इसके बाद कोर्ट ने राकेश मोरदिया का पक्ष सुना था। मोरदिया का पक्ष सुनकर खनिज विभाग ने मोरदियां को दोषी मानते हुए 22 जून को वापस नोटिस ज़ारी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गत दिनों झुंझूनू के माइनिंग इंजीनियर ने डिमांड नोटिस जारी कर दिया।

    अवैध तरीकें से खनन किया, इसलिए फंसे:

    तो मामला यह है कि राजस्थान खान विभाग ने पूर्व कांग्रेसी नेता के बेटे राकेश मोरदिया और उनकी फर्म के ख़िलाफ़ की गई जांच में पाया कि मोरदिया ने अवैध तरीकें से करीब 274 करोड रुपए का खनन किया ही। मामलें की गंभीरता को समझ खान विभाग ने 16 सितंबर 2015 को पहली बार मोरदिया को कारण बताओ नोटिस ज़ारी किया। इसके बाद 28 अक्टूबर 2015 को मोरदिया के खिलाफ अवैध ढंग से कमाई गई धनराशि की वसूली के लिए नोटिस ज़ारी किया था।

    मोरदिया का पक्ष सुनकर वसूली का आदेश दिया कोर्ट ने:

    राकेश मोरदिया ने खान विभाग के इस नोटिस के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका लगा दी। अपनी याचिका में मोरदिया ने न्यायलय के सामने अपनी बात कही कि खनिज विभाग ने अभी तक उसका पक्ष नहीं सुना और उसके बिना ही फैसला दिया है। इस पर हाईकोर्ट ने खान विभाग के नोटिस को स्थगित कर विभाग को मोरदिया का पक्ष सुनने का आदेश दिया। उच्च न्यायलय के आदेशानुसार  खनन विभाग ने राकेश मोरदिया और उनकी फर्म का पक्ष सुना। इस सुनवाई में मोरदिया बेगुनाह साबित नहीं हो पाए। इसके बाद खान विभाग ने 274 करोड रुपए की वसूली के लिए वापस नोटिस ज़ारी किया है।