
राज्य के सर्वागीण विकास के साथ-साथ प्रदेश के ग्रामीण जनजीवन को नयी ऊर्जा देने का काम वाली राजस्थान सरकार अब ग्रामीणों के कल्याणार्थ नयी योजना ला रही है। इसके तहत सरकार ग्रामीणों को आवासीय पट्टे के आधार पर क़र्ज़ देने का काम करेगी। राज्य सरकार ने अब तक ”पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण पट्टा वितरण अभियान” के तहत पिछले साढ़े चार माह के अंदर 7 लाख 17 हजार 369 पट्टे जारी किए हैं। सरकार की नयी योजनानुसार अब इन पट्टों के आधार पर ग्रामीण मकान मालिक अपने किसी भी प्रयोजन के लिए सरकार से कर्ज ले सकेंगे।
सभी को पट्टा मिलें इसके लिए मेगा फ़ॉलोअप शिविर आयोजित करेगी सरकार:
तीन महीने पहले अप्रैल माह में शुरू हुए इन शिविरों के माध्यम से सरकार ने राज्य के प्रत्येक ग्रामीणजन जिसके पास उसकी संपत्ति का मालिकाना हक़ नहीं था, उसे हक़ दिया है। इसके तहत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को उनके आवास, मकान का पट्टा जारी करके दिया है। सरकार के इन अथक प्रयासों के बावजूद भी जो लोग पट्टा हासिल करने से वंचित रह गए, उन लोगों के लाभार्थ सरकार इसी 27 और 31 जुलाई को राज्यभर के ग्रामीण क्षेत्रों में मेगा फ़ॉलोअप शिविर का आयोजन कर रही है। इस शिविर का लाभ उठा वह व्यक्ति जिसे अब तक पट्टा नहीं मिला वह अपनी संपत्ति का पट्टा प्राप्त कर सकता है। राजस्थान सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया कि इस मेगा शिविर के बाद, ग्रामीण क्षेत्र में सरकार द्वारा आवंटित पट्टों की संख्या 8 से 9 लाख तक हो जाएगी।
पट्टे के आधार पर किसी भी प्रयोजन के लिए ऋण ले सकते हैं:
सरकार की नयी शुरू की गयी योजना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी पट्टाधारी अपने वैध पट्टे के आधार पर अपने किसी भी काम या प्रयोजन की सफलता हेतु ऋण ले सकता है। प्रयोजन चाहे कोई भी हो, ग्रामीण मकान में अतिरिक्त निर्माण करवाना हो, बच्चों की पढ़ाई या फिर अन्य कोई काम, वैध पट्टे के आधार पर ग्रामीणों को सरकार ऋण सुविधा मुहैया करवाएगी। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के सहकारी व सरकारी बैंकों ने ग्रामीणों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
92 फीसदी पट्टे किए जारी:
हाल ही में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण पट्टा वितरण अभियान के इन शिविरों में पट्टों के लिए मिले कुल आवेदनों के मुकाबले 92 फीसदी पट्टे सरकार ने जारी कर दिए। इस वर्ष अप्रैल माह की 14 तारीख से 20 जुलाई के मध्य प्रति सप्ताह सोमवार व गुरुवार को ये शिविर आयोजित किए गए थे। सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि इन शिविरों में अनुसूचित जाति के 1,46,685 लोगों को, अनुसूचित जनजाति के 69,988 आवेदकों को, महिलाओं को 1,08,472 और बीपीएल तथा गाड़िया लुहारों को 30,963 पट्टे जारी किए गए हैं।

