
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कुशल नेतृत्व में पिछले तीन वर्ष के दौरान कौशल विकास, स्वच्छता मिशन, ई-गवर्नेंस और सौर ऊर्जा क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करने के बाद अब राजस्थान ने दिव्यांगजनों के कल्याण एवं उनके सशक्तीकरण के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री राजे के नेतृत्व में राज्य सरकार विशेष योग्याजनों को नया जीवन देने के सार्थक प्रयास किए है। राज्य सरकार ने दिव्यांगों को सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने और आत्म सम्मान से जीने के लिए विभिन्न शिविर चला रही है। इस कड़ी में पंडित दीनदयाल विशेष योग्यजन शिविर ने महत्ती भूमिका निभाई है।
विशेष योग्यजनों को सरकारी नौकरी के लिए मिलेगा 4 फीसदी आरक्षण
हाल ही में राज्य सरकार ने दिव्यांगो और विशेष योग्यजनों के लिए दिव्यांग अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी सेवा में 4 फीसदी आरक्षण के लिए 1 फीसदी नए पदों का सृजन करने के लिए कमेटी बना रही है। इसके अलावा दिव्यांग जनों की सुगम आवाजही के लिए सभी सरकारी भवनों में दिव्यांग फ्रैंडली बनाने के भी निर्देश दिए है। दिव्यांगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए सूबे के मुख्य सचिव ने सभी बोर्ड व विभागों की बैठक ली। इस बैठक में विशेष योग्यजनों की 21 श्रेणीयों की पहचान करने के निर्देश दिए है।

दिव्यांग जनों को बनेगा यूनिक आई.डी, देश भर में करेगा काम
बैठक में मुख्यमंत्री ओ.पी. मीणा ने सभी सरकारी भवनों में विशेष योग्यजनों हेतु रैम्प, लिफ्ट, टॉयलेट, पार्किंग आदि की व्यवस्था करने के त्वरित निर्देश दिए। इसके अलावा भविष्य में बनने वाले सभी सरकारी भवनों को दिव्यांगजन फ्रैंडली बनाने पर बाईलॉज नियम बनाने पर भी जोर दिया। सीएस मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष के दिव्यांग को 16 वर्ष कर स्कूलों में निशुल्क शिक्षा हेतु 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने, सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच व उपचार, दिव्यांगजनों को रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण देने, जिलों में अलग से अधिकारी नियुक्त करने तथा राज्य में कल्याण के लिए फंड की व्यवस्था करने पर भी चर्चा हुई। मीणा ने बत्या की सभी दिव्यांगजनों की यूनिक आई.डी बनेगी जो पूरे देश में काम करेगी। इसी प्रकार भूमि आवंटन व आवासीय योननाओं के आवंटन में भी दिव्यांग जनों का 5 फीसदी कोटा निर्धारित किया जाएगा।
विशेष योग्यजन शिविरों से मिल रहा है दिव्यांगों को लाभ
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गरीब, गांव, किसान और दिव्यांग के लिए एक भिन्न विजन रखती है। मुख्यमंत्री राजे ने दिव्यांगजनों की सहायता के लिए अलग से पंडित दीनदयाल शिविरों का संचालन करवाया है जिसमें विशेष योग्यजनों की विभिन्न समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इस शिविर को तीन चरणों में शुरु किया गया है।
शिविर 3 चरणों में सम्पादित होंगे-
• 01 जून से 24 सितम्बर, 2017 तक चिह्नीकरण एवं पंजीयन (ई-मित्र/अटल सेवा केन्द्रों पर)
• 25 सितम्बर से 12 दिसम्बर, 2017 तक निःशक्तता प्रमाणीकरण (विधानसभावार कैम्प)
• 13 दिसम्बर, 2017 से 31 मार्च, 2018 तक कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण वितरण (जि़ला स्तर पर कैम्प)
अभियान के लाभः-
• चिह्नीकरण (Identification) एवं पंजीयन (Registration) करवाना
• निःशक्तता प्रमाण पत्र (Disability Certificate) जारी करवाना।
• कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण (Aids & Appliances) उपलब्ध करवाना।
• यू.डी.आई.डी. कार्ड (Unique Disability ID Card) जारी करवाया जाना।
• पेंशन, बस पास, ऋण, पालनहार इत्यादि योजनाओं से लाभान्वित करवाना।

