बर्थडे पर कांग्रेस से नाराज शंकर सिंह वाघेला कर सकते है घर वापसी का ऐलान, मुश्किलों में फिर गुजरात कांग्रेस

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    shankar singh

    देश भर में कांग्रेस के लिए मुश्किलों को दौर चल रहा है । मोदी लहर में कांग्रेस उत्तर से दक्षिण तक लगभग खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है। एक दौर था जब कांग्रेस पूरे देश में एक छत्र शासन करती थी लकिन आज कांग्रेस और उसके संगठन की केवल पांच राज्यों में सरकार है वहां भी कई राज्यों में खतरें के निशान से ऊपर। गुरुवार को राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस सहित 18 दलों की उम्मीदवार मीरा कुमार को भाजपा के रामनाथ कोविंद के हाथों मात का सामना करना पड़ा तो ठीक इसके बाद गुजरात से कांग्रेस के लिए बूरी खबर आई है। गुजरात में कांग्रेस की जिम्मेदारी संभाल रहे दिग्गज नेता शंकर सिंह वाघेला की जल्द ह  घर वापसी हो सकती है। पिछले कई महीनों से शंकर सिंह वाघेला की कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी से बातचीत बंद है और राहुल गांधी को ट्विटर पर फॉलो करना भी वाघेला ने बंद कर दिया है। अब कांग्रेस के लिए राजस्थान, और गुजरात बड़ी समस्या बन चुके है। हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वाघेला के बीच आपसी मतभेद भी इस जटिल समस्या का कारण बना है।

    कांग्रेस छोड़, शक्ति प्रदर्शन करेंगे आज वाघेला

    गुजरात में इस समय मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है और विपक्ष के नेता शंकर सिंह वाघेला है। वाघेला का आज जन्म दिन है तो कहा जा रहा है कि वे आज के ही दिन कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर सकते है। वाघेला के जन्म दिवस के मौके पर गुजरात भर में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है और माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम में कई विधायक, सांसद और समर्थक आएंगे। इस कार्यक्रम के जरिए वाघेला अपना शक्ति प्रदर्शन करेंगे और वे कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर सकते है।

    कांग्रेस से नाराज वाघेला आज कर सकते है घर वापसी की घोषणा

    वाघेला काफी समय से ही कांग्रेस नाराज हैं। बताया जा रहा है कि वाघेला गुजरात में खुद को मुख्यमंत्री पद को उम्मीदवार के रुप में देखते हैं लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने वाघेला को नज़र अंदाज कर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि वर्तमान गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत और शंकर सिंह वाघेला के बीच भी मतभेद है । हाल ही में करीब 15 दिन पहले वाघेला ने  गांधीनगर में एक सम्मेलन किया था, जिसमें कांग्रेस के खिलाफ जमकर बयानबाजी की थी। आज के सम्मेलन में अगर उन्होंने संन्यास का एलान कर दिया तो दिसंबर में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए बड़ा झटका होगा।

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    वाघेला की घर वापसी कांग्रेस के लिए मुश्किलों भरा दौर ला सकता है

    कयास ये भी हैं कि वाघेला के संन्यास लेने पर कुछ कांग्रेस विधायक भी उनके समर्थन में पार्टी छोड़ सकते हैं और यह आंकड़ा करीब 30 के आस पास का हो सकता है। राष्ट्रपति चुनाव में गुजरात कांग्रेस के कुछ विधायकों ने रामनाथ कोविंद को वोट दिया है। अगले महीने गुजरात की तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने है। इनमें एक सीट कांग्रेस कोटे की है। कांग्रेस को जीत के लिए 47 विधायकों का समर्थन चाहिए। राज्य में पार्टी के 57 विधायक हैं, लेकिन वाघेला समर्थक विधायकों ने साथ छोड़ा तो कांग्रेस के लिए एक नई परेशानी खड़ी हो सकती है।

    RSS के सक्रिय नेता रह चुके है वाघेला, आपातकाल में किए जेल के दर्शन

    आपको बता दें कि शंकर सिंह वाघेला मौजूदा समय में गुजरात विपक्ष के नेता हैं। कांग्रेस में शामिल होने से पहले वह 1970 से 1996 तक भाजपा में भी रह चुके हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता पार्टी का गठन किया और 1996-98 तक वह अलग रहे, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। जनसंघ में शामिल होन से पहले वाघेला आरएसएस के सक्रिय सदस्य भी रह चुके हैं। यही नहीं इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान आपातकाल में वाघेला जेल की यात्रा भी कर चुके है।