सीएस परीक्षा परिणाम में भी राजस्थान की धूम, टॉप-25 में छाए हमारे होनहार

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    अखिल भारतीय स्तर पर देशभर में से कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) का चयन करने वाली संस्था ”द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सैकेट्रीज ऑफ इंडिया” (आईसीएसआई) ने सीएस फाउंडेशन परीक्षा का परिणाम बुधवार को जारी कर दिया। राष्ट्रीय स्तर की इस चयन परीक्षा में टॉप-25 के अंदर राजस्थान की राजधानी जयपुर से 15 विद्यार्थियों ने जगह बनाई है। इनमें से 12 लड़कियों ने सफलता हासिल की है।  इस परिणाम में प्रदेश की शिक्षा नगरी कहे जाने वाले कोटा से भी अखिल भारतीय 23वीं रैंक पर दो स्टूडेंट्स रहे। राजधानी जयपुर से जहाँ कुल 69 प्रतिशत विद्यार्थियों के साथ 165 विद्यार्थियों ने इस परीक्षा को पास किया है, वहीँ कोटा से 46 विद्यार्थियों के साथ सफलता का प्रतिशत 58 फीसदी रहा है।

    आर्ट्स हो, साइंस हो या कॉमर्स, बेहतर परिणाम में लगातार बढ़ रहा है, राजस्थान का ग्राफ:

    क्षेत्रफल के मायने पर देश का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान अब शिक्षा के क्षेत्र में भी बुलंद हो चुका है। देशभर में राष्ट्रीय स्तर की चाहे कोई भी परीक्षा हो, टॉप आने वाले स्टूडेंट्स पर राजस्थान की छाप हमेशा रहती है। पिछले तीन सालों में राजस्थान ने साल-दर-साल, हर परीक्षा में बेहतर परिणाम दिए है। विषय चाहे आर्ट्स का हो, विज्ञान का या वाणिज्य का परिणाम आने पर राजस्थान का नाम छाया रहता है। राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के साथ ही केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के परिणामों में भी राजस्थान ने अव्वलता दर्शाई है।

    प्रवेश परीक्षाओं की बात करें तो राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए आयोजित होने वाले क्लैट में भी देशभर से राजस्थान के रजत मालू ने टॉप किया। मेडिकल प्रवेश के लिए होने वाले एम्स प्रवेश परीक्षा के परिणाम में टॉप पर आने वाले सभी 10 स्टूडेंट राजस्थान के है। नीट के परिणाम में भी राज्य के कोटा से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परचम फहराया है। इंज़ीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाले जेईई माईनस में राज्य के कल्पित वीरवाल ने शाट प्रतिशत अंक लाकर इतिहास रच दिया था। और अब हाल ही में सीएस फाउंडेशन में अव्वल आकर हमारे होनहारों ने देशभर में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की उन्नतता और इस दिशा में सरकार के निरंतर सकारात्मक कदमताल होने की गवाही दी है।

    जीएसटी लागू होने से कंपनी सेक्रेटरी की मांग बढ़ी:

    देशभर में एक राष्ट्र-एक कर की प्रणाली यानी जीएसटी लागू होने के बाद से अब कंपनी सेक्रेटरी की मांग में इज़ाफ़ा हुआ है। टैक्स प्रणाली में आये हुए इस बदलाव को एक सीएस ही आसानी से समझकर कंपनी का ठीक तरह से संचालन कर पायेगा। अनेकों कंपनियां जो बिना सीए या सीएस के चल रही थी, वे अब अपने कर का हिसाब-किताब रखने और इस व्यवस्था को समझने के लिए इनकी नियुक्ति करेगी।

    अगले स्तर के लिए रजिस्ट्रेशन 31 अगस्त से पहले कराना होगा:

    सीएस फाउंडेशन के रिजल्ट में सफल हुए छात्रों को अब अगले चरण यानी एग्ज़ीक्यूटिव स्टेज के लिए अपना रजिस्ट्रेशन 31 अगस्त से पहले करना होगा। अंतिम दिनांक के बाद रजिस्ट्रशन संभव नहीं होंगे।