
राजस्थान दिवस 2017 के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके जनसहोयग एवं समर्थन हेतु आभार व्यक्त किया। प्रत्येक वर्ष 30 मार्च के दिन सभी राजस्थान वासी ‘राजस्थान दिवस’ मानते हैं। इतिहास के पन्नों में राज्य के तौर पर राजस्थान का गठन 1 नवम्बर 1956 को हुआ था परंतु राजस्थान संस्कृति की मानें तो प्राचीन काल में राजस्थान में बसे विभिन्न राजाओं के साम्राज्य बाहरी ताकतों के विरुद्ध एकजुट हुए थे। इसी कारणवश वर्ष 2011 से मार्च के महीने में सरकार द्वारा एक भव्य 7-दिवसीय समारोह आयोजित किया जाता है।

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी माननीय मुख्यमंत्री ने राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में जनता को संबोधित करते हुए राजस्थानी होने पर गर्व व्यक्त किया। राजस्थान की यशस्वी धरती ने सदैव वीर, शूरवीर योद्धाओं को जन्म दिया है। जहां हमें महाराणा प्रताप जैसे वीर मिले वहीं भामाशाह जैसे दयालु और मीरा बाई जैसे भक्त भी मिले। सभी प्रदेश वासियों के अंदर साहस, त्याग, दया और बलिदान की भावना कूट-कूट कर भरी हुई है। राजस्थान के सभी वासियों कि दृढ़ इच्छाशक्ति, पुरुषार्थ और कौशल के बल पर राज्य आज सौर्य ऊर्जा, पशुपालन, जैतून खेती, कन्ज़यूमर गुड वितरण जैसे कई क्षेत्रों में अग्रणी है।

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गत कुछ वर्षों में राजे सरकार ने ग्राम, राजश्री तथा भामाशाह जैसी कई बड़ी योजनाएं लागू की जिनसे जनता का लाभ हो। उनमें से जल स्वावलंबन, अन्नपूर्णा रसोई, मुखबिर, अपनी बेटी इत्यादि योजनाओं में जनता ने विशेष भूमिका अदा की। किसी ने आर्थिक सहायता तो किसी ने श्रमदान के माध्यम से सरकार सहयोग दिया। आमजन के अभूतपूर्व समर्थन के बूते आर्थिक तंगी एवं प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद सरकार ने हर क्षेत्र में उत्तम प्रदर्शन दिया है।

मुख्यमंत्री ने पिछले तीन सालों का रिपोर्ट पेश करते हुए जनता को बताया कि चिकित्सा, कृषि, शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना, कौशल विकास, जल संरक्षण, उद्योग, महिला सशक्तीकरण जैसे कई क्षेत्रों में क्रांतिकारी सुधार हासिल किए हैं। इनके माध्यम से आज राजस्थान विकास के मामले में देश का सिरमौर राज्य बन गया है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री ने गर्व महसूस करते हुए जनता को बधाई दी।
देखा जाये तो मुख्यमंत्री की बातों के पीछे तर्क तो है। खुशहाल राजस्थान का निर्माण सरकार-विपक्ष और आमजनों के सहयोग के बिना असंभव है। ऐसे में एक संपन्न, सशक्त राज्य के निर्माण में सहभागिता हमारा परम कर्त्तव्य है। आइये राजस्थान दिवस के शुभ अवसर पर मिल जुल कर सरकार का ये सपना साकार करें।

