अलपसंख्यक विरोधी है राजस्थान कांग्रेस

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भाइयों यह बात हम नहीं बल्कि खुद अलपसंख्यक समुदाय के किशनपोल विधानसभा युवा (जयपुर) अध्यक्ष डॉ.नफीस अहमद जी ने पिंक सिटी प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया।

राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक चांदना जी द्वारा किशनपोल विधानसभा युवा (जयपुर) अध्यक्ष डॉ. नफीस अहमद को केवल मात्र इसलिए निष्कासित कर दिया कि वह अपने साथियों सहित कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलेट जी के नेतृत्व में दिल्ली में राहुल गांधी की रैली में शामिल होने गए थे। डॉ.नफीस अहमद जी को किशनपोल विधानसभा अध्यक्ष पद से बिना नोटिस और बिना सुनवाई का अवसर दिए निष्कासित कर दिया गया।

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अध्यक्ष डॉ. नफीस अहमद कांग्रेस पार्टी के कर्मठ सिपाही रहे हैं और उन्हें केवल इस बात पर निष्कासित कर दिया गया की उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलेट जी का कहना माना।

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जब अध्यक्ष डॉ. नफीस अहमद ने अशोक चांदना से व्यक्तिगत मुलाकात की और कारण जानना चाहा की उन्हें क्यों निष्कासित किया गया है तो अशोक चांदना आग बबूला हो गए और कहा – “तू बड़ा नेता बन गया क्या?”

डॉ. नफीस अहमद ने कहा – “सर ऐसी कोई बात नही है।”

 

ashok-chandana-17102016अशोक चांदना ने कहा – ”तू मेरे बजाए सचिन पायलेट के पास जा उनके नेतृत्व में ही तो दिल्ली कार्यकर्ताओं को लेकर राहुल गांधी की मीटिंग में गया था ना? और मैं तेरी कोई बात सुनना नही चाहता हूँ। यह कहकर डॉ. नफीस अहमद को ऑफिस से बहार निकाल दिया और कहा ”यह मुस्लिम कांग्रेस नहीं है।

अशोक चांदना द्वारा पूर्व में भी अलपसंख्यक समुदाय से जुड़े युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को निष्कासित कर दिया था बिना कारण बताये। जबकि पूर्व में पार्षद इलेक्शन के वक़्त सचिन पायलट का पुतला तक जलाने वाले को अभी तक पद दे रखा है।

भाइयों राजस्थान कांग्रेस के नेता आपसे में एक दूसरे को झेल नहीं सकते, सचिन जी का यह कैसा नेतृत्व है जहाँ राजस्थान कांग्रेस आपस में बटीं हुई है। आखिर कौन है जो सचिन पायलट जी की छवि ख़राब करने में लगा है। मुख्यमंत्री पद के दावेदार को हटा कर किसे फ़ायदा मिलेगा?