
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की साफ—सुथरी छवि से प्रदेशवासी चिर—परिचित हैं। लेकिन कभी—कभी ऐसा भी कुछ सामने आ जाता है जिसपर परोपेश की स्थिति आ खड़ी होती है कि उसपर विश्वास किया जाए या फिर नहीं। ऐसा ही कुछ इन दिनों हो रहा है। कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे का एक पोस्टर वायरल हो रहा है। इस पोस्टर में वसुन्धरा राजे चटख रंग की गुलाबी ड्रेस में नजर आ रही हैं। आंखों में काजल, हाथों में लाल चुड़िया, माथे पर टीका और बालों में गजरा सजाए राजे एक रूबाबी अंदाज में बैठी हुई हैं। इस पोस्टर के दाई तरफ लिखा है ‘विरासत की धराणी—लोकतांत्रिक महारानी’ और बाई तरफ भारत के तिरंगे के नीचे लिखा है ‘जय हो’। vasundhara raje
उपचुनाव करीब हैं, इसलिए विपक्ष भी इस तरह की उनकी तस्वीर पर संदेह उठा रहा है। साथ ही आमजन में भी तरह—तरह की बाते उठ रही हैं। यह पोस्टर किसी मंदिर के उपर लगा हुआ है। लेकिन हम आपको बता दें कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे या फिर भाजपा पार्टी के किसी भी सदस्य ने इसे वहां नहीं लगाया है। असल में उनके किसी चाहने वाले ने उनका धन्यवाद जताते हुए उसे अपनी मर्जी से वहां लगाया है। vasundhara raje

वसुन्धरा राजे का यह पोस्टर जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित श्री सीतारामजी—श्री कल्याणजी मंदिर के उपर लगा हुआ है। 1713 ई. में स्थापित यह शहर का काफी पुराना मंदिर है। यहां के महंत भगवती प्रसाद स्वामी ने प्रसन्नतापूर्वक इस पोस्टर को लगाया है। यह किसी पार्टी या किसी बहकावे में नहीं लगा है। vasundhara raje
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जैसाकि मंदिर के महंत भगवती प्रसाद का कहना है, ‘वसुन्धराजी का यह पोस्टर है। इसे मैंने अपनी इच्छा से लगाया है। सीएम वसुन्धरा राजे ने विरासत के लिए प्रेरणादायक काम किया है। उसकी प्रसन्नतास्वरूप यह पोस्टर लगाया है। हम वैष्णव हैं और उन्होंने वैष्णवता का वैभव बढ़ाया है। विरासत का ध्यान रखा है इसलिए पोस्टर लगाया है।’ vasundhara raje
अब सवाल यह उठता है कि अगर पोस्टर हाल ही में लगा है तो उन्होंने यह फोटो इस अंदाज में कब खिंचवाई और क्यों। इसका भी जवाब हमारे पास में है। असल में पोस्टर में लगी तस्वीर 10 साल पुरानी है। 2007 में वसुन्धरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री थी। उस समय जयपुर के सिटी पैलेस और अल्बर्ट हॉल में राजस्थान दिवस समारोह में शरीक होने आई थीं। यह तस्वीर उस समय की है जो भगवती प्रसाद ने संभाल कर अपने कम्प्यूटर में रखी है। जब उन्होंने पोस्टर बनवाया तो और कोई फोटो न होने की वजह से महंत स्वामी ने यही 10 साल पुरानी फोटो इस्तेमाल कर ली और पोस्टर तैयार करा मंदिर के उपर टांग दिया। फिर क्या था, पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। vasundhara raje

