फिर टले पंचायतीराज चुनाव, डेढ़ साल से अटके हैं इन 12 जिलों में चुनाव

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    जयपुर। कोरोना के कारण प्रदेश में जयपुर, जोधपुर सहित 12 जिलों में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव टल गए हैं। पहले मई-जून में चुनाव करवाने की तैयारियां थीं। अब कोरोना की दूसरी लहर बेकाबू ​होने के कारण एक बार फिर अनिश्चिकाल के लिए जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव टाल दिया गया है। कोरोना के हालात सामान्य होने के बाद ही अब 12 जिलों में चुनाव हो सकेंगे।

    डेढ़ साल से अटके हैं पंचायत चुनाव
    राज्य निर्वाचन आयुक्त पीएस मेहरा का कहना है कि पहले की तरह आयोग कोविड की समय समय पर समीक्षा करके बाद ही 12 जिलों में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव करवाने पर फैसला करेगा। फिलहाल कोविड के कारण हालात ठीक नहीं है, जब हालात सामान्य होंगे तब समीक्षा के बाद फैसला किया जाएगा। आयोग कोविड के हालात की लगातार समीक्षा करता रहता है। 12 जिलों मेंं पहले नई नगरपालिकाओं के गठन की वजह से चुनाव अटके। कई गांव नगरपालिकाओं की सीमाओं में आ गए। नगरपालिकाओं के गठन के मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, इन सबके कारण 12 जिलों की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लग गई। इस रोक के कारण पिछले साल अक्टूबर में केवल 21 जिलों में ही तो पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव हुए। इन 12 जिलों में नहीं हुए।

    इन 12 जिलों में होने वाले थे चुनाव
    जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली,सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, जोधपुर, सिरोही और श्रीगंगानगर में पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव होने थे। इन 12 जिलों में जनवरी 2020 से ही जिला प्रमुख और प्रधान के पद प्रशासक संभाल रहे हैं।