पाक की बर्बरता: कुलभुषण जाधव को टॉर्चर कर बनाया कबूलनामें का वीडियो, साफ नज़र आ रहे है चोट के निशान

    0
    896
    kulbhushan-jadhav

    भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी और व्यवसायी कुलभूषण जाधव ने पाकिस्तान में एक बार फिर अपनी फांसी की सजा के खिलाफ दया याचिका लगाई है। पाकिस्तान की तरफ से गुरुवार को कुलभूषण जाधव का दूसरा वीडियो जारी किया गया है। इस वीडियो को देखकर डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि जाधव को टॉर्चर करके कबूल करवाया गया है कि वो भारत के लिए जासूसी करता है।

    एक बार फिर टॉर्चर कर बनाया कबूलनामे का वीडियो

    जाधव की इस वीडियों में कथित तौर पर उनके आतंकी और जासूसी गतिविधियों में शामिल रहने की बातें कबूलने का दावा किया गया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार डिफेंस एक्सपर्ट्स सुनील देशपांडे और शिवाली देशपांडे दोनों का मानना है कि वीडियो में जाधव के चेहरे पर घाव के निशान नजर आ रहे हैं यह बताता है कि उन्हें टॉर्चर करके कबूल करवाया गया कि वो जासूस हैं। भारत ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दया याचिका को संदिग्ध बताया। बयान में कहा कि पाकिस्तान की कार्रवाई में पारदर्शिता नहीं है। भारत सरकार ने एक बार फिर पाकिस्तान द्वारा जाधव पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। विदेश मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दया याचिक को संदिग्ध बताया। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान की कार्रवाई में पारदर्शिता नहीं है।

    6 मिनट के वीडियों में 110 कट, एक्सपर्ट्स ने नकारा

    पाकिस्तान की और से जारी वीडियो में जाधव की बाईं आंख के ऊपर चोट के निशान नजर आ रहे हैं, इसके अलावा नाक और गले पर भी चोट के निशान है। आपको बता दे कि इससे पहले भी इंडियन डिफेंस एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान पर यही आरोप लगाया गया था। पाकिस्तान की और से जारी कुलभुषण के कबूलनामे का विड़ीयो अरेंज नजर आ रहा है इस 6 मिनट के वीडियों को अगर गौर से देखा जाए तो इसमें कट लगे हुए है। एक्सपर्ट का मानना है कि इस वीडियों में 100 से 110 के आस पास कट लगे हुए है। इससे पहले भी पाकिस्तान की और से एक वीडियो जारी हुआ था जो कि 9 मिनट का था और उसमें भी 115 कट थे ।

    यह हुआ अभी तक जाधव के मामले में, ICJ ने फांसी देने से किया था मना

    जाधव को मार्च 2016 में पाकिस्तान ने ईरान से किडनैप किया था। जबकि पाक का दावा है कि जाधव जासूस है जो बलूचिस्तान से अरेस्ट किया गया। इसी साल अप्रैल में पाक ने अपने आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया और उसे फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद भारत इस मामले को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में ले गया। मई में इंटरनेशनल कोर्ट ने जाधव की फांसी की सजा पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि हमारा आखिरी फैसला आने तक जाधव को फांसी नहीं दी जा सकती। भारत को इस मामले में दूसरी कामयाबी भी मिली। ICJ ने पाक से कहा- वियना कन्वेंशन के तहत आपको जाधव को कॉन्स्युलर एक्सेस भी देना होगा।