
राजस्थान के लहसुन उत्पादक किसानों की चिंता की लकीरें मुख्यमंत्री राजे ने समाप्त कर दी है। अब प्रदेश के लहसुन उत्पादक किसानों को राज्य सरकार का भरपूर साथ मिला है जिससे लहसुन उत्पादकों के चेहरें पर रौनक फिर से लौट आई है। मुख्यमंत्री राजे ने निर्देशानुसार राज्य सरकार लहसुन उत्पादक किसानों से 3200 प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री राजे किसानों को वित्तिय भार से बचाने के लिए प्रदेश कि मंडियों से यह लहसुन खरीद रही है और किसानों को उनकी मेहनत का पैसा दिया जा रहा है। इसके बाद राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर इस लहसुन को देश की विभिन्न मंडियों पर विक्रय करेगी। मंडियों पर बिकने वाले इस लहसुन को अगर अच्छे भावों में खरीदा जाता है तो मुनाफा किसानों को दिया जाता है और अगर नुकसान होता है तो उसको केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करते है। राजस्थान के किसानों का करीब 10 हजार मैट्रिक टन लहसुन खरीदेगी राज्य सरकार।
3200 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से 10 हजार मैट्रिक टन लहसुन खरीद रही है सरकार
राज्य सरकार ने कोटा केंद्र से किसानों से लहसुन खरीद प्रारम्भ कर दी है। यह खरीद बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 12 जुलाई तक की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजफैड ने पांच जिलों कोटा, बारां, झालावाड, बूंदी एवं प्रतापगढ़ में खरीद केन्द्र स्थापित किए हैं। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने जानकारी देते हुए बताया कि पांच जिलों में स्थापित खरीद केन्द्रों कोटा, छीपाबड़ौद, खानपुर, केशोरायपाटन तथा प्रतापगढ़ पर क्रमशः 3000 मै.टन, 3500 मै.टन, 2000 मै.टन, 1000 मै.टन तथा 500 मै.टन लहसुन की खरीद की जाएगी। राजफैड किसानों से यह खरीद 3200 रुपये प्रति क्विंटल पर कर रहा है। उन्होंने बताया कि 10 हजार मैट्रिक टन लहसुन की खरीद होगी। शेष केन्द्रों पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
3 दिन में मिलेगा किसानों को लहसुन का भुगतान
किसानों से लहसुन खरीद के लिए कृषि उपज मण्डियों में खरीद केन्द्र स्थापित किए गए हैं। खरीद केन्द्र पर लहसुन लेकर आने वाले कृषक को गिरदावरी प्रमाण-पत्र एवं पहचान पत्र लेकर आना होगा। राजफैड ने लहसुन खरीद के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए है कि किसानों को लहसुन का भुगतान अकाउण्ट पे चैक या आरटीजीएस के माध्यम से तीन दिन में किया जाएगा।

