आखिर क्यों परेशान हैं कांग्रेस के आलाधिकारी, बनवारी लाल शर्मा का समर्थन नही कर रही कांग्रेस

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Khadaan scams

राजस्थान में धौलपुर विधानसभा उप-चुनाव प्रदेश कांग्रेस ही नही बल्कि राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए साख का सवाल बन गया हैं। उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के पास राजस्थान की धौलपुर विधानसभा सीट ही हैं जिससे कांग्रेस की साख बच सकती हैं। धौलपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी जीत की ओर अग्रसर हैं तो कांग्रेस हारी हुई बाजी को जीतने की पुरजोर कोशिशों में जुटी हैं।

राहुल बाबा के लिए धौलपुर नही ढोलकपुर

धौलपुर चुनाव कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए ढोलकपुर चुनाव साबित हो रहे हैं। जिस प्रकार से कांग्रेस की युपी, उत्तराखंड जैसे राज्यों में करारी हार हुई उसी तरह कांग्रेस यहां पर भी अपनी हार स्वीकार कर एक बगल में खड़ी हैं। कांग्रेसी अपने प्रत्याशी बनवारी लाल शर्मा को जीताने के लिए कोई प्रयास नही कर रहे हैं। कांग्रेस के आलाकमान धौलपुर विधानसभा चुनाव को लेकर परेशान और पशोपेश की स्थिती में नजर आ रहे हैं। आखिर क्यों कांग्रेस आलाकमान अपने ही प्रत्याशी बनवारी लाल शर्मा का समर्थन नही कर रहे हैं।

6 बार चुनाव हार चुके हैं बनवारी लाल शर्मा

कांग्रेस प्रत्याशी बनवारी लाल शर्मा 6 बार चुनाव हार चुके हैं। इस बार भी कांग्रेस ने शर्मा को ही मौका दिया हैं। क्या कांग्रेस राजस्थान सरकार के विकास कार्य, धौलपुर क्षेत्र में पकड़, मंत्रियों और मुख्यमंत्री राजे के चुनाव प्रचार से पार पा सकेंगे। बनवारी लाल शर्मा को एक बार फिर मौका देने से स्थानीय कांग्रेस भी नाराज हैं।

कांग्रेस की फूट का असर धौलपुर चुनाव पर

प्रदेश कांग्रेस में आपसी कलह और फूट का असर धौलपुर चुनाव पर साफ देखा जा सकता हैं। जहां कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट अकेले ही धौलपुर चुनाव के लिए भागदौड़ करते नजर आ रहे हैं वहीं अन्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने इस चुनाव से दूरी बना ली हैं। यहा तक की कांग्रेस को अपना प्रत्याशी घोषित करने के लिए केंद्रीय संगठन से सलाह करनी पड़ी। जब बनवारी लाल शर्मा ने नामांकन किया था तब भी कांग्रेसियों का कुनबा अलग-अगल धड़ों में बटा नजर आया और प्रदेशाध्यक्ष के अलावा कोई भी धौलपुर नही पहुंचा।

जनता ने नकारा राहुल का नेतृत्व

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व को समस्त भारत की जनता नकार चुकी हैं। हाल ही में हुए देश के पांच राज्यों के चुनाव में इसकी बानगी देश दे चुका हैं। रही बात धौलपुर चुनाव की तो कांग्रेस अगर यह चुनाव भी हार जाती हैं तो आगामी विधानसभा का रूख साफ दिखाई दे जाएगा। कांग्रेस से परेशान जनता अब पूरी तरह से भाजपा को चाहती हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के सत्ता पर आने की अटकलों को हरी झंडी दिखा चुकी हैं।

राहुल गांधी और अशोक गहलोत ने बनाई धौलपुर चुनाव से दूरी

धौलपुर उप चुनाव से राहुल गांधी और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दूरी बनाई हुई हैं। वर्तमान सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों से कांग्रेस अपने आप को दबा सा महसूस कर रही हैं। कांग्रेस ने बनवारीलाल शर्मा अकेले मैदान में हैं। अब देखना यह हैं कि बिना केंद्र और प्रदेश कांग्रेस के समर्थन के बनवारी लाल शर्मा कैसे जीतेंगे। क्या इस बार भी शर्मा अपनी हार बचा सकेंगे। क्या कांग्रेस को पूरे देश ने नकार दिया हैं। इस सभी सवालों के जवाब चुनाव परिणामों के बाद ही मिल सकेंगे।