
शुक्रवार में राजस्थान विधानसभा में प्रदेश के बजट पर बहस हो रही थी। नेता प्रतिपक्ष ने सदन में बजट पर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि प्रदेश का बजट न्यायोचित्त नही हैं। नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास में बजट का आवंटन ठीक से नही किया। उन्होने कहा कि प्रदेश के राजस्व आय में कमी आई हैं और राजस्थान सरकार पर दो लाख करोड़ का कर्जा हुआ हैं। इसके अलावा डूडी ने कहा कि सरकार ने अपनी उपलब्धियों को गिनाने में व्यर्थ पैसा बहाया।
मुख्यमंत्री राजे ने दिया सदन में जवाब
बजट बहस में मुख्यमंत्री राजे ने 68 सदस्यों को बजट पर विधानसभा में बहस करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होने कहा कि सदन मे सभी सदस्यों पक्ष और प्रतिपक्ष को साथ मिलकर काम प्रदेश के विकास और 2020 के विजन को ध्यान में रखकर काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कार्य कर रही हैं हम एक नया राजस्थान बनाने की ओर अग्रसर हैं। उन्होने कहा कि हमारा बजट सिर्फ आंकडों का दिखाना नही हैं बल्कि राजस्थान की जनता के सपने साकार करने के उद्देश्य से राज्य सरकार कार्य कर रही हैं।
टीम राजस्थान का सरहानीय कार्य
मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि हमारे सुराज संकल्प पत्र से राजस्थान के विकास की मंशा को दर्शाता हैं। बस विकास का जुनून होना चाहिए। टीम राजस्थान के पारदर्शी प्रयासों के कारण आज राजस्थान सफलता के पथ पर अग्रसर हैं। हमने लोगों की समस्याओं को समाधान किया और यह भी ध्यान रखा कि लोगों के स्वाभिमान को चोट ना पहुंचे।
विपक्ष ने राजस्व आय का क्या किया?
मुख्यमंत्री राजे ने सदन के सामने विकास के आंकड़ो को प्रस्तुत किया। देश भर में मंदी के कारण प्रदेश को कुछ नुकसान जरुर हुआ हैं। क्रूड ऑयल में गिरावट के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर हुआ हैं। मुख्यमंत्री राजे ने विपक्ष से कहा कि मैं आपसे सहमत हुं कि आपके पास ज्यादा राजस्व आय हुई थी लेकिन वह गई कहां? कुछ लोगों ने आरोप लगाया हैं कि बजट का आवंटन सभी क्षेत्रों में समान रूप से नही हुआ हैं लेकिन यह सत्य नही हैं बजट का सभी क्षेत्रों में बंटवारा हुआ हैं। उन्होने कहा कि हमने रिकॉर्ड आकंडों के साथ बजट दिया हैं लेकिन कांग्रेस ने हमसे ज्यादा राजस्व आय होने के बाद भी प्रदेस के विकास में खर्च नही किया।
सड़क क्षेत्र आजादी के बाद से दोगुना हुआ
मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि तीन सालों में राष्ट्रीय राजमार्गों की संख्या आजादी के बाद से दोगुनी हो गई हैं। कोटा-दर्रा टु लेन हाई क्लास रोड़ प्रोजेक्ट की सभी बाधाओं को हमने पार कर लिया हैं। सभी जिला मुख्यालयों को डबल लेन सड़कों के जरिए हाईवे से जोड़ा जाएगा। उन्होने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच साल में नई सड़कों के निर्माण पर केवल 2 हजार 993 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि हमने तीन वर्ष में 4 हजार 565 करोड़ रुपये खर्च किए। उस समय पांच साल में 12 हजार 554 किमी नयी सड़कों का निर्माण हुआ जबकि हमारे तीन साल में 14 हजार 788 किमी नयी सड़कें बनीं। हमने मुख्य जिला सड़कों को हाईवे में क्रमोन्नत करने की सुराज संकल्प की घोषणा की दिशा में 5262 किलोमीटर नेशनल हाईवे घोषित किए हैं।
द्रव्यवती नदी प्रोजेक्ट के लिए 1677 करोड़
मुख्य़मंत्री राजे ने सदन को बताया कि 47.5 किमी लम्बी द्रव्यवती नदी के विकास के इस प्रोजेक्ट पर 1667 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होने कहा कि प्रदेश के हर गांव-ढाणी तक शुद्ध पेयजल मिल सके, इसके लिए हमारी सरकार ने केवल तीन साल में ही पेयजल परियोजनाओं पर करीब 14,361 करोड़ रुपये व्यय किए हैं, जबकि पिछली सरकार ने 5 वर्ष में पेयजल योजनाओं पर केवल 2,775 करोड़ रुपए खर्च किए। मुख्यमंत्री राजे ने बताया कि चिकित्सा के क्षेत्र में भी प्रभावी सुधार किए हैं भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना से गरीब परिवारों को निजी चिकित्सालयों में भी बेहतर निःशुल्क इलाज मिल रहा है। अब तक 8 लाख 72 हजार मरीज इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
37 हजार शिक्षकों की भर्ती हुई, 41,747 की प्रक्रियाधीन
मुख्यमंत्री राजे ने विपक्ष को जबाव देते हुए कहा कि तीन वर्षों में कक्षा 11-12 में नामांकन 32 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया। तीन वर्षों में 37 हजार नये शिक्षकों की भर्ती की गई जबकि 41 हजार 747 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रियाधीन है और 86 हजार शिक्षकों की पदोन्नति की गई। साथ ही, उच्च शिक्षा के लिए भी तीन वर्षों में 28 नये राजकीय महाविद्यालय खोले और 8 इस बजट में घोषित किए गए हैं उन्होने बताया कि तीन साल में 6 लाख 43 हजार 838 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया है। विभिन्न विभागों में 1 लाख 8 हजार 903 भर्तियां की गई हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 1 लाख 14 हजार 165 युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। कौशल रोजगार एवं उद्यमिता रोजगार मेलों के माध्यम से 1 लाख 81 हजार 216, ई-मित्र केन्द्रों पर 36 हजार रोजगार सृजन निवेश प्रोत्साहन के तहत 47 हजार 614, आर्मी रैलियों में 9 हजार 513 तथा स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 31 हजार 962 सहित कुल 11 लाख 73 हजार 211 युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष के अंत तक हम अपना 15 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का वादा पूरा कर देंगे।
63 हजार करोड़ कहां गये, आज तक नहीं बताया
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने बिजली कम्पनियों पर पांच वर्ष में ही करीब 63 हजार करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ा दिया, इसके बावजूद विद्युत तंत्र पूरी तरह छिन्न-भिन्न रहा। आज तक इसका कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया कि इतनी बड़ी राशि गई कहां? उन्होंने कहा कि हमने 3 वर्ष में बिजली कम्पनियों को 97 हजार 105 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी, जबकि पिछली सरकार ने पांच वर्ष में केवल 27 हजार 749 करोड़ रुपये की सहायता दी। इसी प्रकार हमारी सरकार ने किसानों को बिजली दरों में अनुदान के लिए 19 हजार 398 करोड़ से अधिक की राशि दी, जबकि पिछली सरकार ने पांच वर्ष में केवल 8 हजार 320 करोड़ रुपये दिये।

