बेनीवाल-किरोड़ी कर रहे है राजस्थान को बांटने की असफल कोशिश, दोनों के अस्तित्व पर हैं संकट

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Kirodi Lal Meena

राजस्थान मे भाजपा सरकार ने कई विकास कार्य करवाएं हैं और प्रदेश को नई बुलंदियों के स्तर पर पहुंचाया हैं। राजस्थान ऐसा प्रदेश में जहां 23 कौमों के लोग निवास करते हैं लेकिन कुछ जातियों का प्रदेश में वर्चस्व हैं। प्रदेश की जनता ने 2013 विधानसभा चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत देकर साबित कर दिया था कि विकास भाजपा व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ही करवा सकती हैं। लेकिन कुछ सामाजिक अराजकता फैलाने वाले नेताओं ने प्रदेश में माहोल खराब किया हुआ हैं। हाल ही में नागौर के खिंवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने किसान वर्ग को बहकाने की कोशिश की हैं। विधायक हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान (मारवाड़) के जाट समुदाय को अलग-थलग करने के लिए हुंकार रैली के ज़रिए बांटने की कोशिश की हैं। खिंवसर विधायक खुद को जाट समुदाय का हितेषी बताकर उन्हे राजस्थान सरकार के खिलाफ विभक्त करने की नाकाम तरकीबें निकाल रहे हैं। बेनीवाल यह सब अपने फायदे के लिए ही कर रहे हैं।

प्रदेश के जाट समुदाय का भाजपा में भी विश्वास हैं लेकिन अपने राजनीतिक फायदे के लिए वे समाज को अंधेरे में धकेलने का कार्य कर रहे हैं। राजस्थान में केवल खिंवसर विधायक ही ऐसा नही कर रहे हैं बल्कि एक और ऐसे राजनेता है जो प्रदेश में समरसत्ता का माहोल नही देखना चाहते। दौसा के लालसोट विधायक किरोड़ी लाल मीणा का भी यही हाल हैं। किरोड़ी लाल मीणा प्रदेश के मीणा समुदाय को बरगलाने का कार्य बिल्कुल हनुमान बेनीवाल की तर्ज पर ही कर रहे हैं। या युं कहें कि हनुमान बेनीवाल और किरोड़ी लाल मीणा राजस्थान के दो समाजों को विभक्त कर रहे हैं। राजस्थान सरकार व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे कई बार कह चुकी हैं कि वे प्रदेश के सभी 36 कौमों को साथ लेकर चलने वाली हैं। राजस्थान सरकार ने कभी किसी समुदाय के लिए विशेष कार्य किया हैं। वसुंधरा सरकार ने प्रदेश की सभी कौमों को साथ लेकर प्रदेश के विकास की नई  गाथा लिखी हैं। ऐसे में राजस्थान के इन दोनों जातिगत राजनेताओं ने राजस्थान में अराजकता का माहोल बनाया हैं।

किरोड़ी-बेनीवाल ने बनाया तीसरा मोर्चा

भाजपा व कांग्रेस के खिलाफ तीसरे मोर्चे की घोषणा बुधवार को नागौर से हो गई। खींवसर के निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने यहां अपने समर्थकों की मौजूदगी में लालसोट विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को साथ लेकर यह घोषणा की। बेनीवाल व किरोड़ी ने इस दौरान दो प्रमुख हुंकार भरी। इस मौके पर किरोड़ी ने कहा कि राज्य की वसुंधरा सरकार को नेस्तनाबूद कर देंगे, लेकिन किरोड़ी जी प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री के साथ हैं तो शायद यह कर पाना संभव नही होगा। वहीं विधायक हनुमान बेनीवाल ने सचिन पायलट को परिपक्व बताया और कहा कि वसुंधरा व गहलोत मिले हुए हैं। किरोडी व बेनीवाल ने कांग्रेस व भाजपा के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक शुरू किया जिन्हे शायद सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पता तक नही हो। दोनों नेताओं के साथ तीसरे पात्र के रूप में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुमित्रा सिंह भी दिखीं।

वसुंधरा, गहलोत व पायलट निशाने पर

किरोड़ा-बेनीवाल ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व पूर्वमुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जमकर निशाना साधा। बेनीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री जातिवाद  को बढावा देने वाली महारानी हैं वहीं  कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के बारे में कहा जो अपने समाज के लिए नहीं लड़ सकता वह मुख्यमंत्री बनने के सपने देखना छोड़ दे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बारे में कहा कि जब यह मुख्यमंत्री थे तो वसुंधरा के नजदीकी धीरेंद्र कमठान को गिरफ्तार होने से बचाया।

किरोड़ीलाल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उनके चार विधायक हैं। वसुंधरा सरकार को रोकने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे। प्रदेश में तीसरे मोर्च को अपार समर्थन मिल रहा है। हनुमान बेनीवाल के साथ मिल कर किसानों व गरीबों के उत्थान के लिए काम करेंगे। अब तीसरा मोर्चा बनेगा।

अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं मीणा और बेनीवाल

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने तीसरे मोर्चे को ख्याली पुलाव बताते हुए कहा कि किरोड़ीलाल मीणा और हनुमान बेनीवाल अपना अस्तित्व बचाने के लिए रैली कर रहे हैं। दोनों ने किसानों के हित में कुछ नहीं किया और किसानों को गुमराह कर रहे हैं। किरोड़ी लाल को भी अपने गिरेबां में झांककर देख लेना चाहिए कि वह खुद 2013 के चुनाव में एक जगह से चुनाव हार गए थे दूसरी जगह से केवल 491 वोटो से ही जीत पाए। प्रदेश की जनता विकास चाहती है और भाजपा विकास के लिए तत्पर है। भाजपा ने ही किसानों के हित की बात सोची है।

भाजपा ने 33 प्रतिशत खराबे पर मुआवजा दिया। फसल बीमा योजना में कम प्रीमियम पर पूरा मुआवजा दिया। जबकि कांग्रेस के शासन में 50 प्रतिशत खराबे पर मुआवजा दिया जाता था और अधिक प्रीमियम पर कम मुआवजा मिलता था। एग्रोटेक में 58 हजार किसानों ने शिरकत की।

बेनीवालकी रैली 36 कौम की नहीं: चौहान

भाजपानेता खींवसर विधानसभा क्षेत्र में दो बार हनुमान बेनीवाल के सामने चुनाव लड़ चुके दुर्ग सिंह चौहान ने कहा कि हनुमान बेनीवाल की रैली सिर्फ एक जाति की थी। इस रैली में 36 कौम के लोग नहीं थे। दुर्ग सिंह ने कहा कि बेनीवाल ने इस रैली से कमजोर वर्ग को डराने का प्रयास किया है। रैली में बाहरी लोगों की संख्या अधिक थी। उन्होंने कहा कि खींवसर में नलकूपों को स्थाई करने कनेक्शन देने की मांग पर शीघ्र ही समर्थकों के साथ राज्य सरकार को ज्ञापन दिया जाएगा और राज्य सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

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