
कुछ ही दिन बीते हैं जब देश भर में गौरक्षक सुर्खियों में छाए हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने अपने ‘टाउनहॉल’ कार्यक्रम में ज्यादातर गौरक्षकों को गोरखधंधे में लिप्त बता दिया था। लेकिन हम यहां जिस गौरक्षक की बात कर रहे हैं वो कोई गोरखधंधा करने वाला नहीं है और न ही हिंदुस्तानी है। ये एक 25 साल की अमेरिकन युवती क्लेयर है जो पेरेंट्स के साथ राजस्थान के उदयपुर में रह रही है। क्लेयर के शेल्टर होम ‘एनिमल एड’ में आज भी 210 गौवंश शरण लिए हुए हैं और उनके चारे-पानी से लेकर दवा-उपचार तक सबकुछ क्लेयर मुफ्त में कर रही है।
एशिया की सबसे बड़ी गौशाला वाले प्रदेश में कर रह हैं क्लेयर काम
क्लेयर गौवंश के लिए उस प्रदेश में काम कर रही है जहां एशिया की सबसे बड़ी गौशाला ( हिंगोनियां काउ शेल्टर, जयपुर) में 13 सालों में 1 लाख गायों की मौत हो जाती है। क्लेयर का नाम मोदी के बताए ऐसे गौरक्षकों में शामिल नहीं होता है। 2002 से उदयपुर में सक्रिय क्लेयर की ‘एनिमल एड’ संस्था में अब तक 75,000 पशुओं को शरण दी जा चुकी हैं। अब भी 573 पशु-पक्षी क्लेयर के एनिमल एड शेल्टर में शरण लिए हुए हैं।
आखिर कैसे उदयपुर पहुंची अमेरिका की क्लेयर?
क्लेयर यूं तो अमेरिकन है लेकिन उसने अपनी स्कूलिंग और कॉलेज तक की पढ़ाई उदयपुर में ही पूरी की है। जब 9-10 साल की थी तब क्लेयर अपने माता-पिता (एरिका अब्राम्स और जिम मायर्स) के साथ भारत आई थी। क्लेयर के पेरेंट्स से उदयपुर प्रवास के दौरान आवारा पशुओं की दुर्दशा देखी नहीं गई तो उन्होंने आवारा, बीमार, जख्मी पशु-पक्षियों के लिए ‘एनिमल एड’ संस्था के तहत मदद करना शुरू किया। आवारा पशुओं के लिए एरिका और जिम के शुरू किए गए इस काम को अब बेटी क्लेयर यही रह कर आगे बढ़ा रही है।
डोनेशन से फ्री में इलाज, 75 कर्मचारियों को तनख्वाह
क्लेयर ने बताया कि आवारा और लाचार पशुओं के लिए शुरू किए गए शेल्टर का समय के साथ साथ विस्तार होता गया। लोगों को हमारे बारे में पता चला तो धीरे-धीरे शेल्टर में पशु-पक्षियों की संख्या बढ़ने लगी। अब उनकी देखभाल और इलाज के लिए स्टाफ बढ़ाने की जरूरत भी पड़ी। स्थानीय और विदेशी दानदाताओं का सहयोग मिला तो सुविधाओं में विस्तार हुआ। वर्तमान में एनिमल एड शेल्टर में 75 कर्मचारी काम करते हैं।
वर्तमान में एनिमल एड शेल्टर की स्थित
एनिमल एड के शेल्टर में वर्तमान में गौवंशों की संख्या 210 है। गौवंश के साथ ही जख्मी और इलाज के लिए 200 कुत्ते, 60 गधे, दो पिग, एक बंदर, 37 कबूतर, 63 तोते समेत कुल 573 पशु-पक्षी रह रहे हैं।


