राजस्थान के किसान अब होंगे मालामाल, ग्राम कोटा से लाल मोतियों की खेती करेंगे हमारे किसान

0
1586

राजस्थान के कोटा में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का शानदार आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री राजे ने उद्घाटन समारोह में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन राजस्थान के किसानों की आय को बढ़ाने के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।

ग्राम कोटा में कई प्रकार की प्रदर्शनियां, फार्म आदि लगे है लेकिन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है पर्ल फार्म। पर्ल फार्म यानि मोतियों का खेत, मोतियों की खेती को लेकर राजस्थान के किसान उत्साहित नजर आए और फार्म पर जमा किसानों की भीड़ ने साबित कर दिया कि अब ये किसान गेंहू, बाजरे की खेती करने तक सीमित नही रहेगे।

कोटा, टोंक में होगी मोती की खेती

कोटा और टोंक में मोती की खेती की शुरुआत की जाएगी, इसके लिए सरकार ने कार्य योजना तैयार की है। कृषि मंत्री प्रभूलाल सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार हाड़ौती अंचल में लाल मोती की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।

ताजा पानी की सीप से होंगे किसान मालामाल

बूंदी जिले के नैनवां में इसकी प्रारंभिक शुरुआत की जा रही है। सैनी ने बताया कि केन्द्रीय मीठा जल कृषि अनुसंधान संस्थान भुवनेश्वर (उड़ीसा) ने ताजा पानी के सीप में मोती की तकनीक विकसित कर ली है। इसे हाड़ौती में भी शुरू किया जाएगा। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।

ग्राम में स्मार्ट फार्म बना विशेष आकर्षण

1800 वर्ग मीटर के क्षेत्र में निर्मित स्मार्ट फार्म इस वर्ष ‘ग्राम कोटा’ का विशेष आकर्षण हैं। यहां उभरती फसलों के बारे में जानकारी मिल रही है। मिनी स्प्रिंक्लर, स्प्रिंक्लर इरीगेशन, ड्रिप इरीगेशन एवं सोलर पम्पों के उपयोग जैसी सिंचाई की विभिन्न तकनीकों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन मुख्य आकर्षणों में शामिल है। यहां आने वाले विजिटर्स धनिया, मशरूम, जैतून, सिट्रस फलों, ड्रेगन फू्रट जैसी फसलों के लाइव प्लांटेशन भी दिखाया जा रहा है। मोबाइल मृदा परीक्षण वैन, जल संरक्षण, प्लास्टिक मल्चिंग के जरिए खरपतवार की रोकथाम, गार्लिक प्रोसेसिंग मशीन तथा ऊंट के दूध के प्रोडक्ट्स, सुगंधित तेल, मसालों के तेल, पर्ल कल्चर, फसल बीमा एवं सोयाबीन प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स भी प्रदर्शित किए गए है।

इन सेवाओं के बारे में मिल रही है जानकारी

ग्राम में 7800 वर्ग मीटर क्षेत्र में लगी प्रदर्शनियों में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों की स्टॉलों पर मशीनरी एवं संबद्ध सेवाओं, एग्री इनपुट्स एवं संरक्षित खेती, सिंचाई, प्लास्टि कल्चर एवं प्रिसिजन फार्मिंग, फूड एवं फूड प्रोसेसिंग तकनीक, डेयरी एवं पशुधन, एग्री डायवर्सिफि केशन एवं रिटेलर्स, पोस्ट हार्वेस्टिंग तकनीक की जानकारी दी जा रही है।