
राज्य सरकार आगामी 10 जून से 10 जुलाई तक मुख्यमंत्री शहरी जनकल्याण शिविरों का आयोजन करने जा रही है। इसके तहत कृषि भूमि, सरकारी विभागों की भूमि पर बसी भू-आवासीय कॉलोनियों को नियमन होगा। इसके तहत 23 प्रकार की मुख्य गतिविधियां होगी और 11 प्रकार की छूट राज्य सरकार की तरफ से दी जाएगी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसले लिए गए।
शहरी जनकल्याण शिविरों के तहत होगा भू-आवासीय कॉलोनियों का नियमन
बैठक के बाद ग्रामीण विकास पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी जनकल्याण शिविरों के तहत नियमों और हाईकोर्ट के निर्देशों के मुताबिक ही भू-आवासीय कॉलोनियों का नियमन होगा और जरूरत पड़ने पर नियमों में संशोधन भी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि बकाया लीज मनी और नगरीय विकास कर को लेकर भी इस अभियान के तहत छूट दी जाएगी। buybtc.in,rajpalace.com
ऐसे भूखंड़ों का भी होगा नियमन
राठौड़ ने बताया कि अगर कोई 90 वर्गमीटर तक का भूखंड जो बिना सैटबैक के बना हुआ है उसका भी पट्टा जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर कोई कॉलोनी वन विभाग, हाऊसिंग बोर्ड या अन्य विभागों की भूमि पर बसी है, तो संबंधित विभागों से एनओसी लेकर ऐसी कॉलोनियों का भी नियमन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि घूमंतू जाति के लोगों को राज्य सरकार 50 वर्गगज भूमि का पट्टे भी इस अभियान के तहत देगी।
8 मई से 30 जून तक होगा राजस्व लोक अदालतों का आयोजन
कैबिनेट के अन्य फैसलों की जानकारी देते हुए राठौड़ ने बताया कि राजस्व लोक सेवा अभियान का शुभारंभ आगामी 8 मई से 30 जून तक होगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर इसके लिए शिविरों का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में पहली बार चले अभियान में 16000 शिविरों का आयोजन हुआ था, जिसमें 21 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया था। वहीं वर्ष 2016 में 12387 शिविरों का आयोजन हुआ था, जिसमें 48 लाख से अधिक राजस्व मामलों का निस्तारण हुआ था। उन्होंने बताया कि अब 8 मई जो अभियान शुरू होगा, उसमें 15 सरकारी विभाग भी अपने बूथ लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करेंगे। इस अभियान के तहत रास्ते संबंधी विवादों को दूर किया जाएगा साथ ही नामांतरण, अभिलेखों का शुद्धिकरण होगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत विशेष जनयोग्य शिविरों का आयोजन प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इस साल सितंबर महीने में आयोजित होंगे।
विशेष योग्यजनों के लिए राज्य सरकार ने उठाया यह कदम
उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक प्रदेश में 15 लाख 63 हरजार 694 विशेषजन योग्य है। जिसमें से 3 लाख 91 हजार 831 लोग पेंशन का लाभ उठा रहे है। इस अभियान के तहत पेंशन से वंचित विशेषजनयोग्य लोगों को जोड़ा जाएगा और शिविर के लिए यह लोग ई-मित्र या अटल सेवा केंद्र से अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। इसके अलावा शिविरों में उपकरण देने के अलावा विशेषजनयोग्य लोगों को बीमारी को भी चिह्नित किया जाएगा। बीमारी के उपचार का खर्चा राज्य सरकार उठायेगी।

