पंजाब और गोवा विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद केजरीवाल और सिसोदिया में फूट के आसार!

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Arvind Kejriwal

पंजाब और गोवा के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद जहां एक तरफ दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग से ईवीएम की शिकायत की है वहीं राजनीतिक विशेषज्ञों द्वारा दावा किया जा रहा हैं कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में विभाजन की कगार पर पहुंच गई है। बताया जा रहा हैं कि पार्टी में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं के एक ग्रुप ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आवाज बुलंद की है। इस बगावत का कारण गोवा और पंजाब में आप पार्टी को मिली हार है।

केजरीवाल ग्रुप और सिसोदिया ग्रुप

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) फूट की तरफ बढ़ रही है। कहा जा रहा हैं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाला गुट उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अगुवाई वाले गुट के खिलाफ बताया जा रहा है। भाजपा नेता ने बताया कि दोनों गुटों में मतभेद और विवाद की मुख्य वजह पंजाब और गोवा के विधानसभा चुनावों में पार्टी की मिली हार है। पंजाब में अपनी जीत को लेकर आश्वश्त चल रही आप 20 सीटें जीतकर दूसरे स्थान पर है। जबकि आप को गोवा में बड़ी हार का सामना करना पड़ा है और उसे वहां एक भी सीट नहीं मिली है।

पंजाब में इवीएम के छेड़छाड़ का आरोप

इसके पहले आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पंजाब में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (इवीएम) के साथ छेड़छाड़ हुई और इसकी वजह से आप के 20 से 25 प्रतिशत वोट शिरोमणि अकाली दल और भाजपा गठबंधन के खाते में चले गए, इस तरह कांग्रेस को फायदा पहुंचा और उसकी सरकार बन गई।

उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी पार्टी पंजाब और गोवा में एकतरफा जीत हासिल करने का दावा किया था। यह अलग बात है कि पार्टी का सीएम चेहरा गोवा में जीत तक दर्ज नहीं करा सका। गोवा में पार्टी को केवल 6 फीसदी मतदाता ने वोट दिया। उधर पंजाब में पार्टी ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं पार्टी का मतप्रतिशत अकाली दल से भी कम रहा फिर भी पार्टी अकाली दल से ज्यादा सीटे जीतने में कामयाब रही।