
पुलिस कमिश्नरेट जयपुर में बने प्रदेश के सबसे हाइटेक कंट्रोल रूम (Abhay Command Control Center) का मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उद्घाटन किया। इस मौके पर गृह मंत्री एवं राजस्थान पुलिस के कई आला अधिकारी मौजूद रहेंगे।
क्या खास है इस कंट्रोल रूम में
यह कंट्रोल रूम शहर के 200 से अधिक हाईटेक कैमरा से जुड़ा हुआ है। साथ ही इस कंट्रोल रूम में 10 से अधिक पुलिस की सहायता नंबर 100 की फोन लाइनें हैं। इस कंट्रोल रूम में एक छोटा सा कॉल सेंटर भी है, जिसे 100 नंबर की फोन लाइन से जोड़ा गया है। इस कंट्रोल रूम में शहर में लगे सभी हाईटेक कैमरे जुड़े हुए हैं। इन कैमरों में नाइट विजन इतना क्लियर है कि रात के अंधेरे में भी वाहनों एवं उनके चालकों की तस्वीर साफ देखी जा सकती है।
अपराधों पर लगेगा अंकुश
वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी शहर की सडक़ों से होते हुए आसानी से बाहर निकल जाते हैं, लेकिन अब इन कैमरों की मदद से सडक़ पर आने जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा सकेगी। वही इस कंट्रोल रूम को शहर में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों पर लगे कैमरों से भी जोड़ा जाएगा, फिलहाल कुछ स्थानों पर इन कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है।
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बड़ी स्क्रीन पर होगी मॉनिटरिंग
यह कंट्रोल रूम पुलिस कमिश्नरेट प्रथम तल पर बना हुआ है। इस कंट्रोल रूम का कमरा इतना हाईटेक है कि यहां मौजूद पुलिसकर्मी की नजर से कोई भी व्यक्ति शहर में छुप नहीं सकता। इस कंट्रोल रूम की दीवार पर एक बड़ी एलईडी लगाई गई है, जिससे शहर में होने वाली प्रत्येक गतिविधि को आसानी से देखा जा सकता है।
यादगार में भी है एक कंट्रोल रूम
जयपुर ट्रैफिक की ओर से अजमेरी गेट स्थित यादगार परिसर में भी एक छोटा कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसे शहर के करीब 30 अलग-अलग हाईटेक कैमरों से जोड़ रखा है। यादगार में बने इस कंट्रोल रूम के इंचार्ज सीआई नीरज भारद्वाज हैं। इस कंट्रोल रूम को एमआई रोड, जेएलएन मार्ग, टोंक रोड एवं आसपास के इलाकों में लगे कैमरे से जोड़ा गया है। इस हाईटेक कंट्रोल रूम की खासियत यह है कि इससे जुड़े कैमरे एक विशेष तकनीक पर आधारित हैं, जो बहुत ही कम समय में दर्जनभर से भी ज्यादा फोटो क्लिक कर लेते हैं। इससे यातायात के नियम तोडऩे वाले व्यक्तियों के खिलाफ नोटिस भेजकर कार्रवाई की जाती है।

