पूराने नोट जमा कराने की अवधि खत्म होने के बाद पहली बार इस युवक से मिले 1000 व 500 के पूराने नोट

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    नोटबंदी में पुरानी करंसी को जमा कराने की अवधि खत्म होने के बाद पहली बार राजस्थान में 500 और 1000 के पुराने नोट पकड़े गए हैं। कार्रवाई जयपुर के शास्त्री नगर में देर रात की गई, जिसमें 19 लाख 30 हजार रुपए की पुरानी करंसी पकड़ी गई है

    जांच टीम ने 19 लाख रुपए पुरानी करेंसी के साथ ओम प्रकाश नाम के एक युवक को शास्त्री नगर इलाके से धरा है। उसके बैग की तलाशी लेने के बाद पुलिस को एक हजार और पांच सौ रुपए के पुराने नोट मिले हैं। शास्त्री नगर पुलिस ने बताया कि ओमप्रकाश नाम के युवक से यह रकम मिली है। यह रकम किसे देने जा रहा था या फिर यह रकम उसने कहां से ली इस बारे में ओम प्रकाश से पूछताछ की जा रही है।

    ऐसे हुई पूरे मामले में कार्रवाई

    शास्त्रीनगर इलाके में देर रात एक युवक के पास 19 लाख 30 हजार रुपए की पुरानी करंसी पकड़ी। इसमें 1300 नोट 1000 रुपए के और शेष 6 लाख 30 हजार रुपए 500 रुपए के नोट में हैं। इस कार्रवाई में एटीएस की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। एटीएस के दो जवान बाबूलाल और रामजीलाल ने तीन ​संदिग्ध लोगों से संपर्क किया। तीनों ये नोट बदलवाने के लिए कोई ऐसा एजेंट खोज रहे थे जो उसका काम करा दे। ऐसे में एटीएस के जवानों ने उन्हें शास्त्री नगर बुलाया। स्विफ्ट कार में सवार होकर तीन शास्त्री नगर स्थित अग्रवाल केटर्स के पास पहुंचे। जैसे ही ये तीन वहां पहुंचे, पहले से तैयार एटीएस ने पुरानी करेंसी के साथ ओमप्रकाश कुमावत को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ तीन और लोग थे, लेकिन पुलिस को देख वे भाग गए।

    फल व्यापारी है आरोपी

    पुलिस आरोपी ओमप्रकाश से पूछताछ कर रही है। उसने पूछताछ में बताया कि वह फल व्यापारी है और समय पर वह इन नोटों को बैंक में बदलवा नहीं सका था। जमा भी नहीं कराया जा सका था। इसलिए वह अपने 19 लाख 30 हजार रुपए बदलवाने आया था। आरोपी ओमप्रकाश ने बताया कि उसके साथ सोनू यादव ओर अरजित सोनी थे। पुलिस अब उन्हें भी तलाश कर रही है। पुलिस ने फिलहाल ओमप्रकाश को धारा 151 ओर 109 में गिरफ्तार किया है।

    नकम टैक्स डिपार्टमेंट ने रुपए लेने से किया इनकार

    नोटबंदी के बाद रुपए जमा कराने की अवधि खत्म होने पर अब इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट ने नोट लेने से ही इनकार कर दिया है। ऐसे में अब पुलिस को इन्हें रिजर्व बैंक में ही जमा कराना होगा। ये रुपए अब कोर्ट के जरिए ही रिजर्व बैंक में जमा होंगे। पुलिस ने पुराने नोट जब्त कर लिए हैं।

    इधर, पैसे पहुंचाने वाले ई-मित्र केंद्र हैं खाली

    जनता को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने सरकारी दफ्तरों से छुटकारा दिलाने के लिए ई-मित्र केंद्र बनाए थे जनता को अपने कार्यों के लिए कभी ई-मित्र व कभी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, फिर भी कोई गारंटी नहीं कि काम आसानी हो जाए।

    गौरतलब है कि जनता को अपने दस्तावेज बनवाने के लिए पहले ई-मित्र पर जाना होगा वहां से फार्म भर कर संबंधित विभाग में फार्म कर्मचारी से चैक करवाकर अधिकारी के साइन करवाने होंगे। इस प्रक्रिया से गुजरने के बाद वापस आवेदन ई-मित्र पर जमा करवाना होगा।