बॉर्डर पर 650 किमी लम्बी मानव श्रृंखला बनाकर शहीदों की शहादत को सलाम करेगी राजे सरकार

    0
    1131
    Vasundhara Raje human chain
    Vasundhara Raje human chain

    वसुंधरा राजे सरकार स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पूर्व यानि 14 अगस्त को राज्य से लगते भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर पर लम्बी मानव श्रृंखला बनाकर शहीदों की शहादत को सलाम करने जा रही है। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए सरकार ने बीएसएफ और सेना के सहयोग से तैयारी पूरी कर ली है। Vasundhara Raje human chain

    प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राजस्थान सरकार पाकिस्तान से सटी बॉर्डर पर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व 14 अगस्त को ‘शहादत को सलाम’ कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिसके तहत श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर जिलों की पाकिस्तान से सटी बॉर्डर पर करीब 650 किलोमीटर लम्बी मानव श्रृंखला बनाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

    Read More: RaGa’s Bluff Card for Party workers: ‘I will cut the strings of Parachute Candidates’

    सीमा सुरक्षा बल और सेना के सहयोग से आयोजित राज्य सरकार के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भी शामिल होंगी। देश के इतिहास में राष्ट्र भक्ति की भावना को जन-जन में जागृत करने का यह पहला कार्यक्रम होगा, जिसके माध्यम से अपनी जान की परवाह किए बगैर सीमा पर तैनात जांबाज सपूतों का आभार जताया जाएगा और उनकी हौसला अफजाई की जाएगी। Vasundhara Raje human chain

    भींडर में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने की कार्यक्रम की घोषणा Vasundhara Raje human chain

    ‘राजस्थान गौरव यात्रा’ के दौरान भींडर कस्बे में आयोजित एक विशाल जनसभा में इस कार्यक्रम की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि आज भी देश की सीमाओं पर राजस्थान के सपूत सीना तानकर देश की रक्षा के लिए सबसे आगे खड़े रहते हैं। आज भी शहादत देने वालों में राजस्थान के सपूत सबसे आगे हैं। हमारी सरकार सीमा पर तैनात ऐसे जांबाज सैनिकों को इस कार्यक्रम के माध्यम से यह भी संदेश देगी कि देश का बच्चा-बच्चा उनके साथ है। उन्होंने इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा लोगों से भाग लेने का आह्वान किया है। Vasundhara Raje human chain

    राजस्थान हमेशा से ही रहा है वीर-वीरांगनाओं की भूमि

    मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि राजस्थान हमेशा से ही वीर-वीरांगनाओं की भूमि रहा है। यहां जब परिवार में वीरगति की खबर आती है तो शहीद के परिजन मातम नहीं मनाते। वे गर्व के साथ सीना तानकर कहते हैं कि हमारे सपूत ने देश की रक्षा की खातिर शहादत दी है। इतिहास के पन्ने पलट कर देखें तो हमें राजस्थान के वीरों के किस्से पढ़ने को मिलेंगे। जो सिर कटाने के बाद भी लड़ने का माद्दा रखते थे। यहां के सपूतों में आज भी वही जज्बा है। यहां की माटी की तासीर भी यही है। वह सिर्फ वीर ही जनती है। इसीलिए तो राजस्थान को वीरों की जननी कहा जाता है। Vasundhara Raje human chain