
राजस्थान में बजरी संकट के मौजूदा हालातों के लिए मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने पिछली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार बताया है। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को बजट पर रिप्लाई के दौरान मुख्यमंत्री राजे ने प्रदेश में में चल रहे बजरी संकट का मुख्य कारण पिछली सरकार की गलत नीतियों को बताया है। पिछली सरकार में अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री थे। सदन में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बजट पर जवाब देते हुए सीएम राजे ने सदन में हंगामा कर रहे कांग्रेसी विधायकों पर सीधा निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मुझे आश्चर्य है कि 15 फरवरी को इन्होंने बजरी को लेकर सदन में हंगामा किया जबकि बजरी खनन कानून में बदलाव भी पिछली कांग्रेस सरकार में ही हुआ।’ Gehlot Government

राजे ने इस दौरान पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 25 नवंबर 2013 को जारी 128 खनन पट्टों व 82 एलओआई को लेकर भी पिछली सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए दाल में काला होने की बात कही। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में कानून में बदलाव कर हजारों स्क्वायर मीटर के खनन पट्टे जारी कर दिए जिसकी पर्यावरण से अनुमति तक नहीं मिली। Gehlot Government
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आगे उन्होंने कहा, ‘हम अब बजरी खनन को लेकर नई पॉलिसी बनाकर छोटे छोट खनन पट्टे जारी करेंगे जिससे आमजन को राहत मिल सके।’ Gehlot Government

