राजस्थान के मुख्य सचिव की अटकलों पर लगा विराम, मुख्यमंत्री राजे ने अशौक जैन के नाम पर लगाई मुहर

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    ashok-jain

    राजस्थान में मुख्य सचिव पद पर नियुक्ति के मामले में चल रही उठापटक पर आखिरकार शुक्रवार को विराम लग ही गया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने नए मुख्य सचिव के तौर पर आईएएस अशोक जैन के नाम पर मुहर लगा दी है। आपकों बतादें कि वर्तमान मुख्य सचिव ओ.पी. मीणा शुक्रवार को सेवानिवृत हो गए है जिसके बाद मुख्य सचिव पद की दौड़ में कई भाप्रसे के अधिकारी थे। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जोधपुर के 1981 बैंच के आईएएस अधिकारी पर अपना भरोसा जताते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है।

    अशोक शेखर, वीनू गुप्ता और एन.सी गोयल भी थे दौड़ में शामिल

    वर्ष 1981 बैच के आईएएस अशोक जैन ने अपनी कार्यप्रणाली से सरकार की पहली पसंद बने है। जैन सामाजिक न्याय और अधिकारिता एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। चूंकि वर्तमान मुख्य सचिव ओमप्रकाश मीणा 1979 बैच के हैं और जैन 1981 बैच के है। जैन को सीएस बनाने के लिए वर्ष 1980 बैच के अफसर अशोक शेखर को नजरअंदाज करना पड़ा, जो ब्राह्मण वर्ग से ताल्लुकात रखते हैं। इसके अलावा वीनू गुप्ता, और जयपुर के मेट्रो मैन रह चुके आईएएस एनसी गोयल भी दौड़ में थे, लेकिन अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण मुख्य सचिव पद पर नियुक्ति भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। वरिष्ठता सूची के अनुसार जैन तीसरे नंबर पर है और अगले साल जनवरी में सेवानिवृत होंगे।

    जानें मुख्य सचिव अशोक जैन के बारें में

    राज्य के नए मुख्य सचिव अशोक जैन मूलत: जोधपुर के रहने वाले हैं। वर्ष 1981 में भारतीय प्रशासनिक सेवा के बेडे में शामिल हुए और उन्हें राजस्थान कैडर मिला। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद मरू प्रदेश में उनकी पहली पोस्टिंग एक अक्टूबर 1983 को उपखण्ड अधिकारी बीकानेर उत्तर के पद पर हुई। जैन जैसलमेर जिले के कलेक्टर भी रहे हैं। वे जयपुर विकास प्राधिकारण के आयुक्त भी रहे। कुछ समय के लिए जैन राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी रहे। वर्ष 2013 में राजस्थान विधानसभा के चुनाव उन्हीं की देखरेख में हुए थे।