अब आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिलेंगी डिज़िटल वेट मशीन: बच्चों के बेहतर स्वस्थ्य के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध राजस्थान सरकार

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राजस्थान के बारां ज़िलें में सरकार ने बच्चों को आयु अनुसार सुपोषण देने और उन्हें कुपोषण से बचाने के लिए एक अच्छी पहल की है। राज्य सरकार ने बारां ज़िलें के 63 आंगनबाड़ी केंद्रों में  डिज़िटल वेट मशीन उपलब्ध कराई है। इस तकनीक द्वारा सरकार आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले हर बच्चे के शारीरिक स्वास्थ्य का ठीक से ध्यान रख पायेगी। प्रत्येक बच्चे का सही वज़न कर उसे संतुलित आहार दिया जायेगा। ताकि सरकार द्वारा सभी आवश्यक सुविधाएं देने के बाद भी ज़रा सी लापरवाही के चलते कोई बच्चा कुपोषित न हो जाये। बारां ज़िलें में विगत कई सालों से सरकार की ओर से कुपोषण प्रबंधन को लेकर सुधार के लिए नवाचार किए जा रहे हैं।

एक-एक बच्चे का पूरा रिकॉर्ड रखेगी सरकार:

बारां ज़िलें के 63 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए ये डिजिटल वेट मशीन राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग, निदेशालय की ओर से उपलब्ध करवाई गई है। विभाग के उपनिदेशक महोदय  ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य पर पूरी नज़र रखने के लिए ये डिजिटल वेट मशीन उपलब्ध करवाई है। इस मशीन से समय-समय पर बच्चों के वज़न का मापन किया जायेगा, एवं उसी आधार पर उन्हें पर्याप्त पोषण दिया जायेगा। इस प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी राज्य सरकार के पास रिकॉर्ड के रूप में होगी। आंगनबाड़ी में पड़ने वाले हर एक बच्चे के स्वास्थ्य की सरकार पूरी तरह से देखभाल करेगी।

हो सकेगा सही वज़न:

आंगनबाड़ी केंद्रों से कई बार बच्चों के कुपोषण से ग्रस्त होने की ख़बर आती है। जांच करने पर कारण एक ही सामने आता है कि इन बच्चों का सही से वज़न न होने के कारण इन्हें पर्याप्त व संतुलित आहार नहीं मिल पाया। सामान्य तौल प्रणाली से कई बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी वज़न नहीं करते और लापरवाही बरतते हैं। ऐसे में अब डिज़िटल वेट मशीन आने से बच्चे को मशीन पर रखने के बाद बीप की आवाज आने के साथ ही बच्चे का डिज़िटल वजन हो जाएगा। यदि बच्चे का वज़न कम पाया जाता है, तो बच्चें के खान-पान में बढ़ोतरी की जाएगी।

बच्चों को आयु और वज़न के अनुसार मिलेगा पोषाहार:

सरकार की इस योजना से अब बच्चों को उनके वज़न और आयु के अनुसार समुचित खान-पान मिलेगा। यदि किसी बालक का वज़न उसकी आयु के अनुसार कम है तो आंगनबाड़ी केंद्र द्वारा उसे अधिक पोषण युक्त खाना दिया जायेगा। इससे बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर बनेगा। सरकार की इस पहल से बढ़ते बच्चों को कुपोषित होने की स्थति से दूर ले जाकर सुपोषित बनाया जायेगा।