प्रदेश में साढ़े तीन साल में सड़क हादसों में 36,585 माैतें, पिछले साल से 16% की बढ़े

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    जयपुर। सड़क हादसे राजस्थान के लिए घातक बनते जा रहे हैं। बीते दिन बुधवार काे जाेधपुर नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क हादसा देखने को मिला जिसमें 12 लोग जिन्दा जल गए। एक रिपोर्ट के अनुसार, बीते साढ़े तीन साल में प्रदेश 36 हजार से ज्यादा माैतें हुईं। पुलिस और ट्रांसपोर्ट के एनालिसिस में सामने आया है कि सबसे ज्यादा एक्सीडेंट का कारण ओवर स्पीड है। इसके बाद लापरवाही, शराब पीकर वाहन चलाने से एक्सीडेंट हाेते हैं।

    इस साल उदयपुर में सबसे ज्यादा एक्सीडेंट
    राजस्थान में अगस्त तक 2020 के मुकाबले 2021 में सडक दुर्घटनाओं में करीब 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पूरे प्रदेश में इस साल अगस्त तक 13,581 एक्सीडेंट हुए, जाे पिछले साल 11,696 हुए थे। प्रदेश में 2021 में अगस्त तक सबसे ज्यादा सड़क हादसों की बात करें ताे उदयपुर जिले में हुए। उदयपुर में 789 एक्सीडेंट हुए जिनमें 357 लाेगाें की जान गई। अजमेर में 699 एक्सीडेंट में 321 की माैत हुई। प्रदेश की राजधानी जयपुर की बात करें तो जयपुर पूर्व में 439, पश्चिम में 455, उत्तर में 120, दक्षिण में 352 और ग्रामीण में 670 एक्सीडेंट हुए। पांचाें इलाकों में मिलाकर 673 लाेग एक्सीडेंट में जान गंवा चुके हैं।

    सबसे ज्यादा युवाओं की मौत
    इन हादसों में 19 हजार से ज्यादा युवाओं की माैत हुई, जिनकी उम्र 18-35 साल थी। इस साल अगस्त तक प्रदेश में करीब 13,581 राेड़ एक्सीडेंट हुए हैं। उनमें 6,452 लाेग जान गंवा चुके हैं। वहीं 12,482 घायल एक्सीडेंट का दर्द झेल चुके हैं। पुलिस और ट्रांसपोर्ट के एनालिसिस में सामने आया है कि सबसे ज्यादा एक्सीडेंट का कारण ओवर स्पीड है। इसके बाद लापरवाही, शराब पीकर वाहन चलाने से एक्सीडेंट हाेते हैं।