
भारत आज एक नई ऊर्जा के साथ विश्वगुरु बनने की तरफ जा रहा है जो माहौल 2014 से पहले था , जहाँ देश निराशा की तरफ जा चुका था उससे आज अगर हम तुलना करे तो देश हो या विदेश हो देश एक प्रभावशाली और निर्भीक संतोष की दिशा में चल पड़ा है ! याद करो वो दिन जब सुबह का अख़बार में सिर्फ निराशाजनक खबर होती थी ! एक घोटाला ख़तम नहीं की दूसरा हम सुनते और पढ़ते थे ,छोटी बेटिया हो या महिलाओ के साथ आये दिन दिल को दहलाने वाले द्रश्य सामने आते थे देश के लोग बोलते थे की अब देश का कुछ नहीं हो सकता , जैसा था वैसे ही रहेगा , उसे सच मान कर हम जीते थे उस निराशा के अंधकार में जब हम सब डूब चुके थे तब एक चीर रौशनी सामने आयी उसके एक एक शब्द महाभारत में भगवान कृष्ण के गीतासार की तरह थे जब अर्जुन को उन्होंने दिव्य ज्ञान दिया ! वो जिसको देश आज नरेंद्र मोदी के नाम से जानता है और बस वही से शुरुआत हुई भारत के नयी सुबह की ,देश में लोगो के आँखों में एक नई चमक थी ! देश उनमे एक परिपत्व नेता देख रहा था ,चारो तरफ सिर्फ एक ही नारा था ‘अब की बार मोदी सरक़ार’
पर क्या हम जानते है ऐसा पहले क्यों नहीं हुआ आखिर क्या कारण है की कांग्रेस में आज तक कोई ऐसा नेता पैदा नहीं हुआ जो इस तरह से उभर पाया जो जिसको देश ने अपने सर आँखों पे बैठाया हो किसी ने उसको भगवान् का अवतार माना और किसी ने उसकी तुलना दिंवगत अटल बिहारी वाजपेयी से की।
पर यह मन में एक सवाल आता है की 70 साल पुरानी पार्टी पर उसमे से कोई भी नेता अभी तक ऐसा नहीं हुआ जिसके लिए देश रोया हो या देश यही चाहता हो की काश आज यह होता तो देश कहि और होता यकीन मानो हमसे छोटे देश जापान जो परमाणु बम की भेंट चढ़ गया था आज वो एक नयी शक्ति के रूप में हमारे सामने है , ऐसे बहुत से देश है जो हमसे काफी पीछे थे और आज हमसे आगे निकल गए क्यों हम उनसे आगे नहीं बढ़ पाए एक ऐसी राजनीती जिसने देश प्रेम को काफी पीछे छोड़ दिया और व्यक्ति प्रेम को उससे आगे रख दिया
पर शायद समय को थोड़ा हमे इंतजार करवाना था और आज पूरी दुनिया हमारे आगे झुक रही है देश आज इट का जवाब पत्थर से दे रहा है पाकिस्तान को हमने भिखारी जैसा बना दिया और लोगो में नौकरी करने से ज्यादा नौकरी देने में विश्वास बढ़ा भारत सबसे तेज अर्थव्यवस्था बन गया ! देश एक सकारात्मक सोच की तरफ चल पड़ा बस अब लोग इंतज़ार कर रह है की देश दुबारा 23 मई को उनको नेतृत्व में देश को नंबर 1 बनाने में लग जाये।
आज छोटे से छोटा मुद्दा शौचालय बनाने से लेकर एलपीजी गैस कनेक्शन देना यही हमारे देश में विकास बन गया है
देश के गड्ढे भरे जा रहे हो पर आज हमे भारतीय होने का गर्व महसूस हो रहा है ! ऐसा हम नहीं कह रहे है देश के जिसको आजादी के बाद अपना खुद का घर मिला
पढ़िए यह सच्ची घटना :
उस पत्थर पर लिखा था “प्रधानमंत्री आवास योजना”।
मुज़फ़्फ़रनगर में महागठबंधन के नेता एक मुस्लिम भाई के घर वोट माँगने पहुँचे। सारी जिंदगी उसने मजदूरी की, अब बूढ़ा हो गया है आँखों से कम दिखाई देता है।
वो घर से बाहर आया। दुआ सलाम की, पता चला महागठबंधन के नेता आये हैं। नेता बोले चचा नलके वाले हैं इस मोदी को हटाना है अबके जोर लगा दो। बूढ़ा कुछ नहीं बोला बस उसने अपने घर के बाहर लगे एक पत्थर को चूमा।
सारे नेता खामोश हो गये। उसकी आँखों में आँसू थे, हाथ जोडकर बोला साहब मोदी को मत हटाओ मेरे जैसे करोड़ों गरीबों को अभी ऐसे पक्के मकानों की जरूरत है। ताउम्र बरसात में रोया हूँ अपनी बेबसी पर। पहली बार सर्दियों की बरसात में अपने बरामदे में खुशी से बैठकर चाय पी है। मोदी फरिश्ता है। मोदी को मत हटाओ।
अब फैसला आपके हाथो में है। की देश को आगे ले जाना है या वापस 70 साल पीछे . …. जय हिन्द

