
राजस्थान में 21नवंबर 2018 की सुबह का वक्त था। चुनावी माहौल चरम पर था, इस बीच एक खबर की वजह से प्रदेश की चर्चा देशभर में हो रही है। खबर राजस्थान के अलवर जिले से आती है कि 4 युवक बेरोजगारी के चलते ट्रेन के आगे कूद गए जिनमें से तीन की मौत हो गई।
एक की हालत गंभीर बनी हुई है जिसकी भी इलाज के दौरान 2दिन बाद मौत हो जाती है। विपक्ष में बैठी कांग्रेस सत्ता पक्ष में मौजूद भाजपा सरकार पर आरोप लगाती है और कहती है कि बेरोजगारी के चलते युवकों ने आत्महत्या की हैं। सचिन पायलट और अशोक गहलोत ट्वीट कर कड़ी निंदा और संवेदना व्यक्त करते हैं। वहीं उस वक्त की सूबे की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मामले पर दुख व्यक्त करते हुए तुरंत जांच के आदेश देते हुए कमेटी का गठन किया।
प्रदेश में चुनावी मौसम था। शायद इसी वजह से कांग्रेस ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी चुनावी सीजन में इसको खूब भुनाने की कोशिश की थी। अब इसी खबर से जुड़ा बड़ा अपडेट आया है। जो कांग्रेस के चुनावी वादे और उसकी मंशा बताता है कि कैसे कांग्रेस पार्टी ने वोट बैंक की राजनीति कर चुनावी माहौल में राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम किया है।
घटना के 38 दिन बाद 28दिसंबर 2018 को इस खबर से जुड़ा सच सामने आया है। इस मामले से जुड़ी पुलिस की जांच रिपोर्ट आ गई है। पुलिस जांच में बताया गया है कि आत्महत्या करने वाले युवक में सबसे छोटे 17साल के रितुराज उर्फ ऋषि ने प्रेम में असफल होने पर आत्महत्या की है। दरअसल, रितुराज की प्रेमिका की शादी 19नवंबर को अन्य युवक से हो जाने के बाद से ही वो तनाव में था और इसी के चलते उसने खुदकुशी जैसा बड़ा कदम उठाया। वहीं, उसके तीन दोस्त ये सोचकर साथ देने के लिए ट्रैक पर गए थे कि वो ट्रेन आने पर ऐनवक्त पर पीछे हट जाएंगे। ऐसा हुआ नहीं हो चारों काल का ग्रास बनकर मौत के मुंह में चले गए।
खैर, इस खबर को लिखे जाने तक सरकार में बैठे दोनों नुमाइंदों की ओर से अब तक कोई बयान इस खबर पर नहीं आया हैं। ट्वीट भी नहीं किया गया। हां! शायद बहुत ज्यादा व्यस्त होंगे। लेकिन, पुलिस जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है और कांग्रेस एक बार फिर बेनकाब होकर नया नकाब ढूंढ रही है।
Author
Prakash


